बदायूं में छत गिरने से दो बच्चों की मौत
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त्योहार मनाने पैतृक घर पहुंचे मासूमों के ऊपर पुराने और जर्जर मकान की छत गिर पड़ी। तीन बच्चों समेत उनकी दादी मलबे में दब गई। छत गिरने की आवाज सुनकर गृहस्वामी और पड़ोसियों ने चारों को मलबे से किसी तरह बाहर निकाला। इस दौरान सगे भाई-बहन की मौत हो गई। घायलों में मृतकों की बड़ी बहन और दादी की हालत नाजुक बनी हुई है। दोनों को इलाज के लिए जिला अस्पताल भर्ती कराया गया है। मकान पुराना है और इसका छज्जा अभी कुछ दिन पहले ही गिरा था।
हादसा कोतवाली क्षेत्र के गांव रियोनइया में बृहस्पतिवार देर रात करीब डेढ़ से दो बजे के बीच हुआ। गांव के बादाम सिंह का बेटा रजनेश उझानी के मोहल्ला अहीरटोला में रहता है। हरियाली तीज मनाने वह पत्नी और बच्चों के साथ सुबह पैतृक घर पहुंचा था। शाम को परिवार के सभी सदस्य खाना खाकर सो गए। रजनेश और उसकी पत्नी पूनम दूसरे कमरे की छत पर तो रजनेश के बच्चे शृगवी (14), वंश (आठ) और श्रेया (छह) अपनी दादी गायत्री के साथ कमरे में दो चारपाई डाल कर सो गईं। एक चारपाई पर वंश और श्रेया तो दूसरी पर दादी गायत्री के साथ शृंगवी थी। रात में अचानक ही कमरे की छत और उसकी के साथ एक दीवार भी गिर पड़ी।
घटना में दादी और तीनों भाई-बहन मलबे में दब गए। लोगों ने मलबा हटाकर चारों को बाहर निकाल कर अस्पताल पहुंचाया वहां डॉक्टर ने वंश और श्रेया को मृत घोषित कर दिया। यहां शृगवी समेत उसकी दादी की हालत नाजुक बताई गई है। श्रेया उझानी के निजी स्कूल में नर्सरी तो वंश कक्षा केजी में पढ़ता था। देर रात ही सीओ सर्वेंद्र कुमार और एसएसआई रामऔतार सिंह ने मौका मुआयना किया।