बरेली के फतेहगंज पूर्वी क्षेत्र के गांव बाकरगंज में नानी के दसवां संस्कार के बाद नहाने के दौरान बड़े भाई को बचाने में डूबे युवक गौरव का शव दूसरे दिन शुक्रवार सुबह गोताखोरों ने खोज निकाला। गौरव के साथ डूबे मगन का शव एक दिन पहले ही मिल गया था। दोनों आपस में ममेरे फुफेरे भाई थे और बरेली शहर के निवासी थे। दोनों परिवारों में मातम पसर गया है।
पुलिस के अनुसार किला थाना क्षेत्र के मोहल्ला रेती जसौली निवासी मगन (25) बृहस्पतिवार को गांव बाकरगंज में अपनी नानी के दसवां संस्कार में पहुंचे थे। मगन के साथ उनके फुफेरे भाई बिहारीपुर निवासी गौरव (30) भी थे। दसवां संस्कार के बाद दोपहर तीन बजे परिवार के लोग इन दोनों को भी बहगुल नदी में नहाने की बात कहकर बुला ले गए।
वहां मगन का बड़ा भाई अमन बहगुल नदी में नहाते वक्त डूबने लगा। अमन की पत्नी सारिका के चिल्लाने पर अमन को बचाने के लिए मगन और गौरव नदी में गहराई की ओर चले गए। इन लोगों ने खींचकर अमन को तो बचा लिया लेकिन मगन और गौरव डूब गए। परिजनों ने गौरव के शव का पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया।
मगन ई-रिक्शा मैकेनिक, गौरव करता था कैटरिंग का काम
मां कमला ने बताया कि मगन दसवां में नहीं आ रहा था, लेकिन बाद में दूसरे लोगों के कहने पर वह भी आ गया। मगन चौपुला चौराहे के पास ई-रिक्शा मरम्मत करने की दुकान चलाता था। गौरव शादी व समारोहों में कैटरिंग का काम कर परिवार पालता था।