नहर की जमीन पर अवैध निर्माण कर्ताओं को सीलबंद के बाद भी निर्माण कराना महंगा पड़ गया। बीडीए की तहरीर पर पुलिस ने न केवल दो अवैध निर्माणकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया, बल्कि उनको तुरंत जेल भी भेज दिया। पुलिस को अब एयरफोर्स के सामने नहर की जमीन पर अवैध निर्माण कराकर मकान की अनाधिकृत बिक्री कर गैर कानूनी प्रापर्टी का कारोबार करने वाले सरगना की तलाश है।
अमर उजाला ने एयरफोर्स के सामने नार्थ सिटी, नार्थ सिटी एक्सटेंशन और सनसिटी में नहर की जमीन पर कब्जा कर बीडीए से बिना मानचित्र स्वीकृत कराए अवैध निर्माण का मामला उठाया था। इससे प्रापर्टी कारोबारियों में खलबली मच गई थी। रुहेलखंड नहर डिवीजन की ओर से हालांकि अपनी जमीन छुड़ाने की पहल नहीं की गई, लेकिन बीडीए की टीम ने तीन अवैध निर्माण सील कर दिये थे। अवैध निर्माणकर्ताओं के हौसले इतने बुलंद थे कि वह सीलबंद होने के बावजूद बंद मकान के अंदर निर्माण कराते रहे। इस पर बीडीए ने दो अवैध निर्माणकर्ताओं पर इज्जतनगर थाने में एफआईआर दर्ज करा दी। बुधवार को पुलिस ने सीलबंद होने के बावजूद अवैध निर्माण जारी रखने के आरोप में दो प्रापर्टी कारोबारियों को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि पुलिस की गिरफ्तारी में दिखाए गए प्रापर्टी कारोबारी सिर्फ मोहरे हैं। नहर की जमीन पर अवैध निर्माण करने वाला असली सरगना अब तक न तो बीडीए के हाथ लगा है, न ही पुलिस के। नार्थ सिटी एक्सटेंशन में सीलबंद एक अवैध निर्माण अब भी बीडीए की पकड़ से दूर है। अक्सर अवैध निर्माणकर्ता मौका पाते
बीडीए की तहरीर पर नहर की जमीन पर अवैध निर्माण कराने में दो लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी। पुलिस ने उनको गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। कमरूल हसन, एसएचओ इज्जतनगर