फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सौ रुपये पर विवि और कॉलेजों के बीच घमासान

Tue, 17 Apr 2018 07:49 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
विज्ञापन
MJP Rohilkhand university
विज्ञापन
एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने सोमवार से स्नातक प्रवेश के पंजीकरण शुरू कर दिए। पंजीकरण शुरू होने के साथ ही सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों का जबरदस्त विरोध भी शुरू हो गया। लड़ाई सौ रुपये की है। विश्वविद्यालय ने पंजीकरण शुल्क सौ रुपये निर्धारित किया है जबकि कॉलेज इसके विरोध में उतर आए हैं। रविवार को मुरादाबाद मंडल के सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों ने आंदोलन की चेतावनी तक दे डाली। अब बरेली मंडल के कॉलेजों में भी विरोध की आवाज उठने लगी है। कॉलेजों का कहना कि विश्वविद्यालय अपनी मनमानी कर रहा है। जब प्रवेश कॉलेज करेंगे तो सौ रुपये पंजीकरण शुल्क विश्वविद्यालय क्यों वसूल रहा है, जबकि विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि पंजीकरण का जिम्मा एजेंसी को दिया है। इसलिए शुल्क लिया जा रहा है।
विज्ञापन

दरअसल विश्वविद्यालय पिछले साल से स्नातक और परास्नातक के पंजीकरण अपने स्तर से करा रहा है जिसकी फीस सौ रुपये रखी गई थी। पिछले साल विश्वविद्यालय ने ही मेरिट बनाई तो इसलिए कॉलेज खामोश रहे। इस बार मेरिट बनाने का जिम्मा कॉलेजों को दिया गया। कॉलेज इसी बात को लेकर विरोध कर रहे हैं। दूसरी तरफ पिछले दिनों कार्य परिषद ने शिक्षकों की नियुक्ति के लिए एक्सपर्ट बुलाने का खर्चा कॉलेजों पर ही डाल दिया इसका भी विरोध होने लगा है। धामपुर बिजनौर में एमजेपी रूहेलखंड विश्वविद्यालय स्ववित्त पोषित महाविद्यालय वेलफेयर ऐसोसिएशन की बैठक में आंदोलन की चेतावनी तक जारी कर दी गई। बरेली के सेल्फ फाइनेंस कॉलेज भी इसके विरोध में उतरने लगे हैं। कुलसचिव एके अरविंद का कहना है कि पंजीकरण एजेंसी के माध्यम से हो रहा है। इसलिए शुल्क निर्धारित किया गया। प्रवेश में कॉलेजों की मनमानी रुकेगी इसलिए ही वो विरोध कर रहे हैं।
 
डेढ़ लाख से ज्यादा पंजीकरण होने की उम्मीद 
इस साल भी डेढ़ लाख से ज्यादा आवेदन होने की उम्मीद है यानी पंजीकरण से ही विश्वविद्यालय के खजाने में डेढ़ करोड़ रुपये आने की उम्मीद है। कॉलेजों को यह बात हजम नहीं हो रही। दूसरी तरफ प्रवेश शुल्क का बोझ छात्रों की जेब पर ही पड़ेगा। सौ रुपये पंजीकरण कराने के बाद छात्रों को कॉलेजों में भी एडमिशन फार्म लेना होगा। सेल्फ फाइनेंस कॉलेज इसका अच्छा खासा पैसा वसूलते हैं। कॉलेज विरोध जरूर कर रहे हैं, लेकिन प्रवेश फार्म की दो बार फीस छात्रों को ही चुकानी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें