त्रिशूल एयरफोर्स स्टेशन से सटे गांवों में छह ईंट भट्ठे वायुसेना के हेलिकाप्टरों के लिए खतरा बने हुए हैं। इन भट्ठों के लिए जिला पंचायत ने ही लाइसेंस जारी किया था। इन्हें हटाने के लिए एयरफोर्स प्रशासन ने डीएम को चिट्ठी लिखी थी। डीएम ने जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी (एएमए) से पूछा है कि किस नियम के तहत इन भट्ठों के लिए लाइसेंस जारी किया गया। अगर प्रशासन जिला पंचायत के जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ तो भट्ठों को हटाया जा सकता है।
त्रिशूल एयरफोर्स के कंजादासपुर, कर्मपुर चौधरी और अन्य गांव हैं। इनमें छह ईंट भट्टे धुआं उगलते रहते हैं। त्रिशूल के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी ग्रुप कैप्टन आर मुथुवल ने डीएम को चिट्टी लिखकर अवगत कराया है कि इन भट्टों से एयरफोर्स के हेलिकाप्टरों को खतरा बना हुआ है। वजह यह है कि इनका धुआं एयरफोर्स की सीमा के ईदगिर्द उड़ता है। इससे हेलिकाप्टर की उड़ान प्रभावित हो सकती है। डीएम गौरव दयाल की चिट्टी पर अभी तक अपर मुख्य अधिकारी ने कोई जवाब नहीं दिया है। एएमए रामपाल सिंह ने बताया कि ये भट्टे काफी पहले के हैं। उनके कार्यकाल में इनको लाइसेंस नहीं दिया गया। वह दिखवाएंगे कि किस नियम के तहत इनको लाइसेंस जारी किया गया। इसके बाद ही डीएम को जवाब दिया जाएगा। वहीं, त्रिशूल के सीईओ ग्रुप कैप्टन मुथुवल का कहना है कि इंडियन एयरक्राफ्ट एक्ट में स्पष्ट है कि एयर स्टेशनों के निकट और इतनी दूरी पर जहां से यह संभावना हो कि हैलिकाप्टर की उड़ान प्रभावित हो सकती है, वहां ईंट भट्टे और बहुमंजिली इमारते नहीं हो सकतीं इसलिए इन ईंट भट्टों को हटवाने के लिए डीएम को लिखा है।