बरेली।
त्रिशूल एयरबेस की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने बाउंड्री के चारो ओर
50 मीटर के दायरे में अवैध निर्माण चिह्नित करने के लिए सर्वे शुरू करा
दिया है। पहले दिन तहसील, बीडीए और नगर निगम की टीम ने संयुक्त सर्वे किया।
इसमें 25 अवैध निर्माण चिह्नित किए गए हैं। बीडीए ने टीम मेंबरों की
संख्या बढ़ाते हुए बृहस्पतिवार से सर्वे का काम तेज करने का निर्णय लिया
है। नौ फरवरी तक रोजाना प्रशासन ने 10 फरवरी तक एयरबेस के चारों ओर होने
वाले अवैध निर्माण की रिपोर्ट मांगी है।
मंडलायुक्त के निर्देश पर
बुधवार को बीडीए के डिप्टी सेक्रेटरी अजय कुमार, तहसील से नायब तहसीलदार
सत्य प्रकाश, नगर निगम से ड्राफ्टमैन हसन, विशेष भूमि अध्यापित अधिकारी
दफ्तर के लिपिक सुरेंद्र कुमार, क्षेत्रीय लेखपाल ने पुलिस कर्मियों के साथ
त्रिशूल एयरबेस के सामने पीरबहोड़ा कालोनी के अवैध निर्माण का सर्वे किया।
मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा होने की वजह से त्रिशूल एयरबेस से
अतिक्रमण हटाने को सर्वोच्च प्राथमिकता पर लिया जा रहा है। पहले दिन दो
घंटे तक चले सर्वे में 25 से ज्यादा अवैध निर्माण चिह्नित किए। बीडीए के
डिप्टी सेक्रेटरी ने अवैध भवनों और झुग्गी झोपड़ियों के सर्वे का काम तेज
करने के लिए जेई मोहनचंद सती, अविनाश आर्या, हरिओम गुप्ता और आरपी खरे की
टीम बनाई है। ये टीम नौ फरवरी तक पूरे इलाके का सर्वे कर अवैध निर्माण
चिह्नित करेगी। प्रशासन को एयरबेस के चारो ओर 50 मीटर के दायरे में होने
वाले अवैध निर्माण पर 10 फरवरी तक आख्या भेजी जाएगी।
सर्वे होते ही होने लगा सियासी विरोध
पीरबहोड़ा
से पीलीभीत बाईपास तक होने वाले अधिकांश निर्माण अवैध हैं। नाले के ऊपर
बनी झुग्गी झोपड़ियों और दो मंजिला भवनों में 70 फीसदी से ज्यादा ऐसे निवास
कर रहे हैं जिनका पता ही नहीं है कि वहां कहां से आए हैं। आस-पास के
मकानों से त्रिशूल एयरबेस की रेकी होने की आशंका है। पिछले दिनों पकड़े गए
पाकिस्तानी एजेंट इजाज द्वारा त्रिशूल एयरबेस की तस्वीर लेकर उनको बाहर
भेजने की पुष्टि भी हो चुकी है। उधर, संयुक्त सर्वे शुरू होते ही अतिक्रमण
का सियासी विरोध शुरू हो गया है। पीरबहोड़ा के तमाम लोगों ने गायत्री नगर
में मीटिंग कर अतिक्रमण हटाने पर विरोध जताया और आंदोलन की धमकी दी। विरोध
को राजनीतिक दलों के नेता संरक्षण दे रहे हैं।