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चार दिन तक रद्द रहेंगी 53 ट्रेनें

Thu, 08 Jan 2015 01:16 AM IST
बरेली
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बरेली जंक्शन और सिटी स्टेशन के बीच नॉन इंटरलॉकिंग और यार्ड रि-माडलिंग कार्य के दौरान रेल यात्रियों के लिए 14 जनवरी के बाद चार दिन मुश्किल भरे साबित होंगे। यार्ड रि-माडलिंग के साथ बरेली सिटी और जंक्शन को लाइन बिछाकर जोड़ा जाएगा। इससे काठगोदाम और लालकुआं से आने वाली ट्रेनें सीधे जंक्शन होकर लखनऊ आएंगी और जाएंगी। इस दौरान कुल 57 ट्रेनें प्रभावित होंगी। जिन यात्रियाें का रद्द की गई ट्रेनों में रिजर्वेशन है, उन्हें अब दूसरी गाड़ियों में आरक्षण कराना पड़ेगा।
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यहां सिटी स्टेशन पर लालकुआं की दिशा से आने वाली ट्रेनों का स्टापेज है। बरेली जंक्शन से लखनऊ, जम्मू-हावड़ा और दिल्ली-हावड़ा मुख्य लाइन से जुड़ा है। लालकुआं की ओर से आने वाली ट्रेनों को मुख्य लाइन और जंक्शन तक आने के लिए रामपुर से घूमकर आना पड़ता है। जबकि इन दोनों स्टेशनों के बीच लाइन बिछा देने से गाड़ियां सीधे बरेली जंक्शन आकर मुख्य लाइन पर संचालित हो सकती हैं। इन दोनों स्टेशनों को मिलाने (नॉन इंटरलॉकिंग) का काम 14 जनवरी से शुरू होगा जो 17 जनवरी तक पूरा किया जाएगा। इस दौरान 57 ट्रेनें प्रभावित होंगी। इनमें बरेली से बनकर चलने वाली आठ मेल, पांच पैसेंजर गाड़ियां रद्द रहेंगी। इसके अलावा मुख्य लाइन पर अप और डाउन दिशा से आने जाने वाली 27 ट्रेनें भी रद्द होंगी। वहीं चार ट्रेन शार्ट टर्मिनेट की जाएंगी। डीआरएम सुधीर अग्रवाल ने बताया कि 14 से काम शुरू करने की स्वीकृति रेलवे बोर्ड ने दे दी है। मंडल की ओर से भेजे गए 57 ट्रेन प्रभावित होने के प्रस्ताव पर गुरुवार को फैसला होगा। सीनियर डीओएम मनोज शर्मा को दिल्ली बुलाया गया है। इन ट्रेनाें में एक या दो ट्रेन कम की जा सकती है उसके बाद प्रभावित होने वाली गाड़ियों की सूची जारी कर दी जाएगी। जिन यात्रियाें के रिजर्वेशन रद्द की गई ट्रेनों में इन तारीखाें (14 से 17 जनवरी) में होगा उन्हें रिफंड किया जाएगा।
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सीएसटी ने किया जंक्शन यार्ड का निरीक्षण
बरेली। चौदह जनवरी से बरेली जंक्शन और सिटी स्टेशन के बीच नॉन इंटरलॉकिंग का काम शुरू होना है। दिल्ली से बुधवार सुबह किसान एक्सप्रेस में बैठकर चीफ सिक्योरिटी टेली कम्यूनिकेशन इंजीनियर अतुल कुमार अग्रवाल बरेली जंक्शन पहुंचे। यहां उन्होंने यार्ड में जाकर निरीक्षण किया और नॉन इंटरलॉकिंग संबंधी निर्देश स्थानीय इंजीनियरों को दिए। दोपहर को वह दूसरी ट्रेन में दिल्ली को लौट गए। उधर, स्टेशन अधीक्षक आरबी सक्सेना अपनी टीम के साथ दिन भर प्लानिंग बनाने में जुटे रहे। मगर उन्होंने इस संबंध में कुछ भी जानकारी देने से मना कर दिया।
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