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ट्रांसपोर्टर के घर डकैती के मामले में भी कर दी हेराफेरी.. फंसे इंस्पेक्टर

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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जिस युवक ने बदमाशों को तमंचा दिया अफसरों के कहने के बावजूद उसे जेल नहीं भेजा
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घूस खाने के आरोप लगने पर अफसरों ने की निगाहें टेढ़ी तो रास्ते पर आए, अब क्वारंटीन

बरेली। ट्रांसपोर्टर के घर में डकैती डालने के लिए जिस शख्स ने बदमाशों को अपना तमंचा दिया, इंस्पेक्टर फतेहगंज पश्चिमी ने अफसरों के कहने के बावजूद उसका नाम एफआईआर में शामिल नहीं किया। एसओजी ने इस युवक को पकड़कर थाना पुलिस के सुपुर्द किया था, उसी से पूछताछ के बाद वारदात में शामिल बदमाशों का पता लगा था। वारदात में भूमिका होने के बावजूद आरोपी का बचाव करने पर जब घूस लगने के आरोप लगने के साथ अफसरों की निगाह भी टेढ़ी होने लगी तो इंस्पेक्टर को उसे जेल भेजना पड़ा। इस मामले में जमकर किरकिरी होने के बाद स्वास्थ्य खराब बताकर इंस्पेक्टर क्वारंटीन हो गए हैं।
फतेहगंज पश्चिमी में ट्रांसपोर्टर के घर डकैती के मामले का पुलिस ने शुक्रवार को खुलासा कर दिया। सात आरोपियों को मीडिया के सामने पेश करके जेल भेजा गया। बताते हैं कि कस्बे में ही रहने वाले सोनू ठाकुर से एसओजी को खुलासे का क्लू मिला। इंस्पेक्टर चंद्रकिरण यादव काफी कोशिश करके भी घटना का सुराग नहीं निकाल पा रहे थे, तब एसओजी ने सोनू को पकड़कर पूछताछ की। सोनू ने कबूल किया कि घटना से एक दिन पहले ट्रांसपोर्टर का किरायेदार अजीम उससे तमंचा मांगकर ले गया था। सोनू ने बताया कि उसने बिना कोई बात पूछे दोस्त अजीम को तमंचा दे दिया था।
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यह जानकारी मिलने के बाद अजीम को पकड़ा गया जिसके बाद घटना का खुलासा हो गया। कायदे में सोनू को भी आरोपियों में शामिल करके जेल भेजा जाना चाहिए था। एसओजी के साथ अफसरों ने भी इंस्पेक्टर को सोनू को जेल भेजने को कहा लेकिन उन्होंने इस पर गौर नहीं किया। सोनू को क्लीन चिट देने पर इंस्पेक्टर पर घूस खाने के आरोप लगे तो अफसरों की निगाहें भी टेढ़ी हो गईं। अफसरों से डांट खाने के बाद सोनू को साजिश में शामिल होने और तमंचे के आरोप में जेल भेजा गया। इसके बाद चंद्रकिरन यादव खुद का स्वास्थ्य खराब बताकर क्वारंटीन भी हो गए।

फतेहगंज पूर्वी इंस्पेक्टर की भी जांच शुरू

फतेहगंज पूर्वी के पड़ेरा गांव में दो पक्षों के खूनी संघर्ष में उसी वक्त रिपोर्ट न लिखकर एनसीआर में निपटाना फतेहगंज पूर्वी इंस्पेक्टर अश्विनी कुमार के भी गले की फांस बन गया है। इस मामले में पुलिस पर दोनों ओर से रकम लेकर मामला निपटाने का आरोप लगा है। अब एसएसपी के आदेश पर एसपी देहात जांच कर रहे हैं। पुलिस दोनों ओर से रिपोर्ट दर्ज कर ज्यादा से ज्यादा गिरफ्तारी कर अपनी छवि साफ करने की कोशिश कर रही है।
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