सीतापुर से लखीमपुर तक ट्रेन चलवाने के लिए कार्यदायी संस्था 18 मार्च को सीआरएस निरीक्षण भी करा चुकी है, लेकिन अभी तक रेल विभाग रेलखंड पर ट्रेन दौड़ाने की कवायद तक शुरू नहीं करा सका है। रेलवे अधिकारियों की माने तो चुनाव बाद ही इस रूट पर ट्रेनें दौड़ सकेंगी।
मैलानी तक जून में ट्रेन संचालन शुरू कराने का प्रयास किया जा रहा है, जिसके लिए कार्यदायी संस्था को 31 मई तक मैलानी-लखीमपुर के बीच काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसकी लगातार मॉनीटरिंग भी हो रही है।- आलोक कुमार श्रीवास्तव, जनसंपर्क अधिकारी, पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल
यात्री सुविधाओं का काम अधर में
कार्यदायी संस्था के अधिकारी भले की लखीमपुर-मैलानी के बीच 90 प्रतिशत काम पूरा होने का दावा कर रहे हैं, लेकिन हकीकत उसके उलट है। जो काम हो भी रहा है उसकी स्थित देखकर ऐसा नहीं लगता है कि अधूरा कार्य 31 मई तक पूरा सकेगा। स्टेशन पर प्लेटफार्म निर्माण भले पूरा हो चुका हो, लेकिन टिन शेड, शौचालय, रोड, बेंच सहित यात्री सुविधाओं का 50 फीसदी काम अभी शेष है। वहीं वन विभाग की एनओसी न मिलने के कारण बांकेगंज-मैलानी के बीच सिग्नल के लिए केबिल तक नहीं डाली जा सकी है। जबकि ट्रेन संचालन के लिए सिग्नलिंग का कार्य सबसे महत्वपूर्ण है। वन विभाग के अधिकारी चुनाव के बाद ही एनओसी मिल पाने की बात कह रहे हैं। ऐसे में जून में सीआरएस ट्रायल होना संभव नहीं है।