बरेली। लालकुआं से बरेली सिटी के बीच करीब 85 किमी के रेलखंड का मंगलवार को उत्तर पश्चिम रेलवे के प्रधान मुख्य संरक्षा अधिकारी आरएस रनोट ने टीम के साथ संरक्षा ऑडिट किया। संरक्षा ऑडिट में सब कुछ सही मिला है। अब बरेली-काठगोदाम-लालकुआं-रामनगर रेल खंड में रेल ट्रैक की औसत रफ्तार को बढ़ाकर 120 किमी प्रति घंटा करने का रास्ता साफ हो गया है। सोमवार को टीम ने काठगोदाम से लालकुआं के बीच संरक्षा ऑडिट किया था।
दो दिन चले संरक्षा ऑडिट के दौरान टीम ने इज्जतनगर मंडल में किच्छा और बहेड़ी रेलवे स्टेशनों के बीच 46 बड़े और 12 छोटे पुलों का बारीकी से मुआयना किया। इस दौरान रास्ते में पड़ने वाले रेल क्रॉसिंगों का भी निरीक्षण किया गया। भोजीपुरा और बरेली सिटी स्टेशन पर संरक्षा मानकों को परखा गया। दो दिन चले संरक्षा ऑडिट के दौरान काठगोदाम से बरेली के बीच करीब 105 किमी रेल ट्रैक की जांच की गई। सिग्नल, प्वाइंट, यार्ड आदि स्थानों का भी तकनीकी टीम ने मुआयना किया। टीम में मुख्य ट्रैक इंजीनियर जेके पहावा, मुख्य विद्युत लोको इंजीनियर सुमीत भटनागर, मुख्य रोलिंग स्टाॅक इंजीनियर मनीष राजवंशी, मुख्य सिग्नल एवं दूर संचार इंजीनियर जेपी मीना, मुख्य यात्री यातायात प्रबंधक गौरव गौड़, उप मुख्य संरक्षा अधिकारी (इंजीनियरिंग) मानवेंद्र सिंह, उपमुख्य संरक्षा अधिकारी (यातायात) जीसी गुप्ता समेत इज्जतनगर मंडल के एडीआरएम विवेक गुप्ता, वरिष्ठ मंडल संरक्षा नीतू आदि अधिकारी रहे।