बरेली। रेल यातायात अब भी कोरोना की मार से उबर नहीं पा रहा है। दिवाली का मौका होने के बावजूद इस बार ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ नजर नहीं आई जबकि पिछले सालों में इस दौरान उनमें पैर तक रखने की जगह नहीं होती थी। एक कारण साधारण टिकट न मिलना भी रहा। सिर्फ कन्फर्म रिजर्वेशन वाले यात्रियों को ही प्लेटफार्म पर आने दिया गया।
दिवाली पर रेलवे ने तीन गुना किराया बढ़ाकर दो दर्जन से ज्यादा स्पेशल ट्रेनें चलाई थी लेकिन ज्यादातर ट्रेनें जंक्शन से नाममात्र के यात्री लेकर ही गुजरीं। नियमित ट्रेनों में भी भीड़ नहीं दिखी। शाम को लखनऊ की ओर गई नई दिल्ली-राजगीर श्रमजीवी एक्सप्रेस, अवध-असम एक्सप्रेस आदि ट्रेनों में गिनती के ही यात्री थे। पिछले साल दिवाली पर घर जाने के लिए लोगों की भीड़ की वजह से पंजाब मेल, त्रिवेणी, सियालदह और अवध असम एक्सप्रेस में पैर रखने तक की जगह नहीं थी। इस बार प्लेटफार्म पर भी सन्नाटा छाया रहा।