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जलस्तर बढ़ने के बाद भी रामगंगा पुल से कॉशन पर नहीं चल रहीं ट्रेनें

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खतरे के निशान के निशान से काफी ऊपर बह रही रामगंगा। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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बरेली। रामगंगा नदी के पुल से ट्रेनें अब भी पहले जैसी स्पीड से गुजर रही हैं, जबकि जलस्तर में लगातार वृद्धि को देखते हुए बाढ़ खंड विभाग येलो अलर्ट जारी कर चुका है। रेलवे ट्रेनों को कॉशन पर पुल से गुजारने के लिए जलस्तर के खतरे का निशान पार कर जाने का इंतजार कर रहा है। रामगंगा पुल से रोजाना करीब दो दर्जन से ट्रेनें गुजरतीं है।
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रामगंगा पर 670 मीटर लंबा का पुल अंग्रेजों के जमाने का है। रेलवे के जानकारों का कहना है कि 1853 में बने इस पुल पर 1993 से ट्रेनें 20 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से चलाई जा रही हैं। वर्ष 2005-06 में पुल का जीर्णोद्धार किया गया था। इसके बाद सिर्फ एक एक बार पुल की मरम्मत की गई है। दो दिन से लगातार हो रही बारिश से रामगंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। 48 घंटे में जलस्तर में दो मीटर से ज्यादा की बढ़ोतरी के साथ 160.13 मीटर पर पहुंच चुका है। रेलवे का कहना है कि पानी अभी खतरे के निशान 163 मीटर से नीचे है। रामगंगा पुल से पूर्वोत्तर और उत्तर रेलवे की ट्रेनें गुजरती हैं। इनमें बरेली-कासगंज रूट की काशीपुर-कासगंज पैसेंजर, कासगंज एक्सप्रेस, रामनगर-बांद्रा टर्मिनस, रामनगर-आगरा फोर्ट एक्सप्रेस, चंदौसी रूट की टनकपुर-दिल्ली मां पूर्णागिरि जनशताब्दी एक्सप्रेस, बरेली-दादर लोकमान्य टर्मिनस, बरेली-इंदौर महाकाल एक्सप्रेस, बरेली दिल्ली एक्सप्रेस और शाहजहांपुर-चंदौसी रूट की लखनऊ-चंडीगढ़ एक्सप्रेस, छपरा-नई दिल्ली लोकनायक एक्सप्रेस, रक्सौल-आनंद विहार सद्भावना एक्सप्रेस हैं।

ट्रेनों को रामगंगा पुल से कॉशन पर गुजाने के लिए मुरादाबाद रेलवे कंट्रोल से अभी कोई निर्देश नहीं मिले हैं। आदेश मिलते ही उसका पालन कराया जाएगा। - सत्यवीर सिंह, स्टेशन अधीक्षक, जंक्शन

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