पूर्वोत्तर रेलवे श्रमिक संघ ने पदाधिकारी ने खून देकर बचाई जान
बरेली। ट्रेन से उतरने की जल्दबाजी करना एक ट्रैकमैन को भारी पड़ गया। चलती ट्रेन से उतरते वक्त उनका पैर फिसल गया। उसके पैर पायदान और प्लेटफार्म के बीच में आ गये। गंभीर रूप से घायल ट्रैकमैन को निजी मेडिकल कालेज में भर्ती कराया। पूर्वोत्तर रेलवे श्रमिक संघ के पदाधिकारी ने खून देकर उसकी जान बचाई।
बिहार के चंपारण जिले के बाबरी बाजार निवासी मोहनलाल खटीमा में ट्रैकमैन हैं। बृहस्पतिवार को वह नौचंदी एक्सप्रेस से बरेली लौट रहे थे। जंक्शन से उन्हेें खटीमा के लिए ट्रेन पकड़नी थी। सुबह तीन बजे नौचंदी एक्सप्रेस जंक्शन के प्लेटफार्म दो पहुंची, स्पीड कम होने पर उन्होंने उतरने की कोशिश की, लेकिन फिसलने दोनों पैर प्लेटफार्म और पायदान के बीच में आ गए। ट्रेन रुकने पर यात्रियों ने किसी तरह से उन्हें निकाला। जीआरपी ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया। ट्रैकमैन के घायल होने की सूचना पर पूर्वोत्तर रेलवे श्रमिक संघ के सहायक महामंत्री जेएस भदौरिया और मंडल मंत्री शैलेश वर्मा रेलवे एंबुलेंस लेकर जिला अस्पताल पहुंच गए और भोजीपुरा के निजी मेडिकल कालेज में भर्ती कराया। खून अधिक बहने के कारण मोहनलाल की हालत गंभीर हो गई। मंडल मंत्री ने खून दिया, जिससे ट्रैकमैन की जान बच गई।