रामगंगा ब्रिज-चंदौसी रेलखंड के बिशारतगंज स्टेशन पर मजदूरों की लापरवाही से बड़ा हादसा होने से बच गया। ट्रैक के किनारे डाला गया पोल अचानक विद्युतीकरण के लिए पोल और एंगल लेकर रामगंगा ब्रिज जा रही टॉवर वैगन क्रेन के पहियों में फंसा तो वह डीरेल हो गई।
हादसा इतना जबर्दस्त था कि उसके चार पहिये उखड़ गए। माना जा रहा है कि अगर किसी ट्रेन के साथ इस तरह का हादसा होता तो वह भी डिरेल हो सकती थी। मुरादाबाद मंडल के अधिकारियों ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
उत्तर रेलवे के चंदौसी-रामगंगा ब्रिज रेलखंड पर विद्युतीकरण का काम चल रहा है। बताते हैं कि रविवार को दोपहर करीब एक बजे एंगल और पोल से लदी टॉवर वैगन क्रेन बिशारतगंज स्टेशन पर कुछ पोल उतारकर आगे बढ़ी। मगर थोड़ी ही दूरी पर ट्रैक के करीब पड़ा एक पोल किसी तरह ट्रैक पर आकर टॉवर वैगन क्रेन में फंस गया।
तेज आवाज के साथ टॉवर वैगन क्रेन का एक वैगन डिरेल हो गया और उसके चार पहिये भी उखड़ गए। यह हादसा इफ्को लाइन संख्या चार पर होने के कारण अन्य डाउन और अप लाइन प्रभावित नहीं हुईं लेकिन लाइन चार और पांच बाधित हो गईं। स्टेशन मास्टर शिवनारायण ने रेलवे कंट्रोल मुरादाबाद और उच्च अधिकारियों को घटना की जानकारी दी।
इसके बाद एसएसई कैरिज एंड वैगन केआरएस सिंह, एसएसई सिग्नल पीके पाल, टीआई भानु प्रकाश, पीडब्ल्यूआई ज्ञान प्रकाश मौके पर पहुंच गए।
बरेली रामगंगा ब्रिज-चंदौसी रेल मार्ग पर इन दिनों विद्युतीकरण का कार्य हो रहा है। रविवार को टावर वैगन क्रेन के साथ आरई पायलट एंगल और पोल लगाने का काम कर रहे थे। इसी दौरान मजदूरों ने एक पोल रेलवे ट्रैक के पास ही रख दिया। इसी बीच टावर वैगन क्रेन आई तो यह पोल उसमें फंस गया और वह डिरेल हो गई।
दुर्घटना के लिए प्रथम दृष्टया मजदूरों की लापरवाही सामने आई है। दुर्घटना से ट्रैक नंबर चार और पांच बाधित हैं। रेलवे के कैरिज इंजीनियरिंग सिग्नल एवं ऑपरेटिंग विभाग के अधिकारी दुर्घटना की संयुक्त जांच कर रहे हैं।
- ओपी मीना, स्टेशन अधीक्षक, बिशारतगंज