दरियावगंज से लेकर मथुरा तक हो चुका है सीआरएस भी
बरेली। मथुरा-कासगंज के बीच भले ही ट्रैक के इलेक्ट्रिफिकेशन का काम पूरा हो गया हो, लेकिन कानपुर ट्रैक पर अब भी काम पूरा नहीं हो सका है। इज्जतनगर मंडल ने कार्यदायी संस्था इरकॉन को नोटिस भी दे चुके हैं।
मार्च 2019 तक रेल ट्रैक के विद्युतीकरण का काम पूरा करने का लक्ष्य था। विद्युतीकरण का काम रेलवे की कार्यदायी संस्था इरकॉन कर रही है। तय समय में संस्था लक्ष्य पूरा नहीं कर सकी है। हालांकि मई में दरियावगंज से लेकर मथुरा तक विद्युतीकरण का काम पूरा हो गया था। इस दूरी के बीच सीआरएस गति परीक्षण भी कर चुके हैं। मथुरा-कासगंज के बीच इलेक्ट्रिक इंजन से एक ट्रेन भी चलाई जा रही है, लेकिन कानपुर ट्रैक पर काम अभी भी लटका हुआ है। नवंबर में इज्जतनगर मंडल के डीआरएम ने कार्यदायी संस्था को नोटिस जारी कर काम जल्द काम पूरा करने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब भी काम पूरा नहीं हुआ है। 20 दिसंबर को एनई रेलवे के महाप्रबंधक राजीव अग्रवाल निरीक्षण के लिए कासगंज आ रहे हैं, लेकिन तब तक विद्युतीकरण पूरा नहीं हो पाएगा।
कानपुर-अनवरगंज सेक्शन पर विद्युतीकरण पूरा नहीं हो पाया है। उच्चाधिकारियों ने कार्यदायी संस्था के अधिकारियों से बातचीत भी की है। महाप्रबंधक के आगमन से पहले काम पूरा होने की उम्मीद नहीं है।
- राजेंद्र सिंह, पीआरओ, इज्जतनगर रेल मंडल