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रेलवे के क्वार्टरों में रह रहे हैं अंजान लोग

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अलर्ट जारी होने पर प्लेटफार्म खंगाले जाते हैं क्वार्टर नहीं
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जंक्शन की साउथ और नार्थ रेलवे कॉलोनी में बने क्वार्टरों में रहते हैं करीब 70 किराएदार

बरेली। जब किसी आतंकी संगठन की धमकी मिलती है तो रेलवे प्रशासन अलर्ट जारी कर प्लेटफार्म और सरकुलेटिंग एरिया की सघन चेकिंग करता है, लेकिन रेलवे के क्वार्टरों में जो लोग रहते हैं उनके बारे में कभी कोई अभियान नहीं चलता। यहां ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि यह क्वार्टर जिन रेलवे कर्मियों को आवंटित हैं वह उनमें लंबे समय से नहीं रह रहे हैं। उन्होंने अपने क्वार्टर अंजान लोगों को मोटे किराए पर उठा रखे हैं। यह मुद्दा बरेली जंक्शन पर स्थानीय अधिकारियों की एक बैठक में उठा। मुरादाबाद मंडल के अधिकारियों ने इस संबंध में कड़ी जांच-पड़ताल करने की बात कही है। गौरतलब है कि जंक्शन की साउथ और नार्थ रेलवे कॉलोनी में बने क्वार्टरों में करीब 70 किराएदार रहते हैं।
जानकारी के मुताबिक, जंक्शन की साउथ रेलवे कॉलोनी में तीस क्वार्टर रेल कर्मियों के नाम एलाट हैं। कर्मचारी क्वार्टरों को काफी पहले खाली कर चुके हैं, लेकिन कागजों में उन्हीं का नाम चल रहा है। बताया जाता है कि कर्मचारियों ने क्वाटरों को किराए पर उठा रखा है। उन क्वार्टरों में रहने वाले लोगों से प्रति माह तीन हजार रुपये तक वसूले जाते हैं। किराया वसूलने का काम एक बाबू और चौकीदार करता है। बैठक में उठे इस मुद्दे की शिकायत जब मुरादाबाद मंडल में अधिकारियों से की गई तो वहां हड़कंप की स्थिति बन गई। इसके बाद मंडल अधिकारियों ने स्टेशन अधीक्षक सत्यवीर सिंह और आरपीएफ इंस्पेक्टर विवेक सिसौदिया से एलाट कर्मचारियों की लिस्ट तलब की है।
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यहां बता दें कि रेलवे की नार्थ कॉलोनी में भी किराएदारों की संख्या करीब 40 है। इन प्राइवेट लोगों के बारे में आरपीएफ अनभिज्ञ है। आरपीएफ इंस्पेक्टर विवेक सिसौदिया ने बताया कि कॉलोनी की चेकिंग की जाएगी। यह प्राइवेट लोग कौन हैं और क्वार्टर किन कर्मचारियों के नाम एलाट है, ब्योरा जुटाएंगे, जिसके बाद कार्रवाई होगी।

किराएदारों को लगी चेकिंग की भनक तो ताला बंद करके भागे

बरेली। देर रात स्टेशन अधीक्षक सत्यवीर सिंह ने आरपीएफ के साथ कॉलोनी में चेकिंग की, लेकिन इसकी भनक पहले ही किराएदारों को लग गई थी, जिससे वह ताला डालकर चले गए। आसपास के कर्मचारियों से पूछताछ करने पर पता चला कि किराएदार रात में आकर सुबह जल्द चले जाते हैं। उनका परिवार भी साथ रहता है। आरपीएफ इंस्पेक्टर विवेक सिसौदिया ने बताया कि क्वार्टर के ताले तोड़ने का अधिकार सिविल पुलिस का है। कॉलोनी में कोई भी घटना होने पर संबंधित थाने में ही रिपोर्ट दर्ज होती है।
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