बरेली। एक छात्रा के लिए आपस में भिड़े एक इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों के गुटों ने बृहस्पतिवार को कॉलेज से लेकर दोहना रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म तक जमकर गदर काटा। प्लेटफार्म पर दोनों गुटों के बीच मारपीट हुई तो यात्रियों में भगदड़ मच गई। जीआरपी और आरपीएफ उपलब्ध न होने के कारण स्टेशन मास्टर ने इज्जतनगर रेलवे कंट्रोल को दी, जहां से इस बारे में कॉलेज प्रशासन को सूचित कर दिया लेकिन कॉलेज प्रशासन ने कॉलेज के बाहर छात्रों की किसी हरकत की जिम्मेदारी लेने से साफ इनकार कर दिया। छात्रों के पहले भी स्टेशन पर इस तरह की अराजकता फैलाने की घटनाओं के मद्देनजर इज्जतनगर मंडल के पीआरओ ने अब एडीआरएम को इस स्टेशन पर जीआरपी और आरपीएफ तैनात करने को लिखा है।
दोहना स्टेशन के पास ही स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों का एक गुट बृहस्पतिवार को पहले और दूसरा गुट उसके पीछे स्टेशन पर पहुंचा। कुछ ही देर बाद स्टेशन के मुख्य प्लेटफार्म पर दोनों गुटों के बीच मारपीट शुरू हो गई। बताया जाता है कि दोनों गुटों के बीच एक छात्रा को लेकर विवाद हुआ था और कॉलेज गेट से ही दोनों लड़ते-भिड़ते हुए स्टेशन पहुंचे थे। प्लेटफार्म पर भी जब मारपीट शुरू हुई तो वहां अफरातफरी मच गई। करीब 25 मिनट तक छात्रों के दोनों गुट एक-दूसरे को दौड़ा-दौड़ाकर लात-घूंसों और बेल्टों से पीटते रहे।
इस बीच प्लेटफार्म पर लालकुआं जाने वाली पैसेंजर ट्रेन का इंतजार कर रहे यात्रियों की भी अच्छी-खासी भीड़ थी। छात्रों में मारपीट होते देखकर उनमें भगदड़ मच गई। रेलवे स्टेशन के स्टाफ ने छात्रों को स्टेशन से बाहर निकलने को कहा लेकिन उन्होंने उनकी एक नहीं सुनी। काफी देर मारपीट के बाद कुछ यात्रियों और गांव के लोगों ने दोनों गुटों में बीचबचाव कराया। स्टेशन मास्टर ने इसकी सूचना रेलवे कंट्रोल इज्जतनगर को दी। इज्जतनगर मंडल के पीआरओ राजेंद्र सिंह ने कॉलेज प्रशासन से बात की तो वहां से कह दिया गया कि छात्रों की कॉलेज के अंदर ही उनकी जिम्मेदारी है, बाहर छात्र क्या करते हैं, इससे उन्हें कोई मतलब नहीं है। रेलवे चाहे तो उन पर कानूनी कार्रवाई कर सकता है। इसके बाद पीआरओ ने एडीआरएम को स्टेशन पर जीआरपी और आरपीएफ तैनात करने के लिए पत्र लिखा है। मंडलीय अधिकारियों का कहना है कि छात्रों के बीच रोजाना होने वाले लड़ाई झगड़ों से ट्रेनों का संचालन बाधित होता है।