बरेली। घर पर दिवाली मनाने के लिए अगर ट्रेनों के भरोसे बैठे हैं तो अभी से दूसरा इंतजाम कर लें। अगले एक महीने के लिए ट्रेन का लंबा सफर आसानी से मुमकिन होने के आसार न के बराबर रह गए हैं। दिवाली पर घर जाने के लिए तीन महीने पहले से ही रिजर्वेशन करा लिए जाने की वजह से ज्यादातर ट्रेनों की वेटिंग दो सौ के पार पहुंच गई है। दो ट्रेनों में 25 और 26 अक्तूबर की तारीखों में नो रूम घोषित कर दिया गया है। स्पेशल ट्रेनों में भी सीट मिलने की कोई गारंटी नहीं है। लिहाजा दिवाली पर घर पहुंचना ही है तो रोडवेज बसों में यात्रा के लिए अभी से कमर कस लें।
जिन लोगों ने ऐन दिवाली से पहले घर जाने के लिए ट्रेनों में रिजर्वेशन कराने का प्लान बना रखा है, उन्हें इसमें कामयाबी मिलने का कोई खास आसार नहीं दिख रहा। महीनों पहले से रिजर्वेशन कराने की शुरुआत हो जाने की वजह से ट्रेनों में कोई सीट मिल पाना मुमकिन नहीं होगा। रेलवे अधिकारी भी कह रहे हैं कि दिवाली पर दो दिन पहले से ट्रेनों में तिल रखने की जगह नहीं होगी। बरेली से लखनऊ के लिए श्रमजीवी एक्सप्रेस और अहमदाबाद वाराणसी एक्सप्रेस में तो अभी से नो रूम है। इसके अलावा पदमावत एक्सप्रेस में 141, प्रतापगढ़ दिल्ली एक्सप्रेस में 173, कुंभ एक्सप्रेस में 23, बाघ में 232, पंजाब मेल में 47, शहीद में 47, लखनऊ मेल में 132, काठगोदाम लखनऊ में 34, अवध असम एक्सप्रेस में 252, दून एक्सप्रेस में 163 और किसान एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेन में 88 की वेटिंग है।
इन ट्रेनों के एसी थर्ड और सेकेंड कोच में भी 50 से ऊपर की वेटिंग है। लखनऊ से बरेली आने के लिए लखनऊ काठगोदाम एक्सप्रेस में 146, सियालदह एक्सप्रेस 44, वाराणसी बरेली एक्सप्रेस में दो, पंजाब मेल में 55, लखनऊ मेल में 68 वेटिंग है। हालांकि जंक्शन से दिल्ली जाने वाली आला हजरत और इंटरसिटी एक्सप्रेस में कंफर्म बर्थ मिलने की उम्मीद है।
राहत देने के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाएगा रेलवे
रेलवे ने लखनऊ माता वैष्णो देवी कटरा एक्सप्रेस, बठिंडा-वाराणसी एक्सप्रेस, लखनऊ-आनंद विहार स्पेशल, लखनऊ-नंगल डैम, लखनऊ-हजरत निजामुद्दीन, श्री माता वैष्णो देवी-वाराणसी, आनंद विहार-गोरखपुर, आनंद विहार-गया, आनंद विहार -पटना, दिल्ली-छपरा, आनंद विहार-गया स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं। रेलवे रिजर्वेशन सूत्रों की मानें तो इन ट्रेनों में अभी 25 और 26 अक्तूबर को कन्फर्म बर्थ मिलने की मामूली संभावना है।
दिवाली के बाद छठ पूजा रखेगी ट्रेनों को फुल
दिवाली के अगले हफ्ते ही छठ का त्योहार है। इस त्योहार पर भी लोगों ने घर जाने के लिए बड़े पैमाने पर रिजर्वेशन करा रखे हैं। इस वजह से दिवाली के बाद भी ट्रेनों में जगह मिलना आसान नहीं होगा। रेलवे सूत्रों के मुताबिक छठ पूजा के लिए घर जाने वालों ने भी करीब दो महीने पहले से रिजर्वेशन करा रखे हैं। इस वजह से नवंबर के पहले हफ्ते में भी ट्रेनों की वेटिंग काफी ज्यादा रहेगी।
जेब में दम हो तभी टैक्सी से जाने की सोचें
दिवाली और छठ पूजा पर घर जाने के लिए ट्रेनों और रोडवेज की बसों के बाद सिर्फ टैक्सी ही विकल्प बचती है लेकिन इसके लिए ट्रेन और बस की तुलना में कई गुना ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ेगा। आमतौर पर टैक्सी का किराया वैसे ही काफी ज्यादा होता है, प्रमुख त्योहारों के दौरान टैक्सी का किराया और बढ़ा दिया जाता है। लिहाजा टैक्सी से जाने का तभी सोचें जब जेब में दम हो।