बरेली। रेलवे पिछले डेढ़ साल से मेगा ब्लॉक लेकर पटरियां और स्लीपर बदलने का कार्य कर रहा है, जिसका असर अब दिखाई देने लगा है। दो-तीन घंटे देरी से जंक्शन पहुंचने वाली ट्रेनें अब समय से पहले जंक्शन पहुंचने लगी हैं। ऐसे में यात्री राहत महसूस कर रहे हैं। दूसरी ओर कॉशन खत्म होने और साठ किलोग्राम की पटरियां बिछने से भी ट्रेनों की स्पीड पर फर्क पड़ा है। यहां बता दें कि मुरादाबाद-लखनऊ सेक्शन पर अप और डाउन दिशा में कुल दस कॉशन थे, जिसके चलते ट्रेनों की स्पीड तीस से 50 किलोमीटर प्रति घंटा थी।
रेलवे का इंजीनियरिंग अनुभाग फरवरी 2018 से नौ-नौ घंटे तक मेगा ब्लॉक लेकर 52 के बजाय साठ किलोग्राम की पटरियों को बिछाने का काम करता आ रहा है, जिसके चलते यात्रियों को काफी परेशानी भी झेलनी पड़ी थी। सूत्रों के मुताबिक इन डेढ़ साल में रेलवे ने सहारनपुर और गाजियाबाद से लखनऊ तक सभी कॉशन खत्म करके साठ किलोग्राम की पटरियां और स्लीपर बिछा दिए हैं, जिसका असर है कि अब ट्रेनें समय से पहले जंक्शन पहुंचने लगी हैं। दस दिन से अप और डाउन दिशा की ट्रेनें पांच-सात मिनट पहले ही जंक्शन पर खड़ी हो रही हैं।