बरेली। रेलवे की टिकटों की ब्लैक जालसाजों को रास आ गई है। हाल ही में कई बार दलालों के जेल की हवा खाने के बाद भी छठ पूजा और दिवाली नजदीक आते ही यह धंधा जोर पकड़ने लगा है। शुक्रवार को पर्सनल आईडी पर ई टिकट बुक करके बेचने वाले दो और दलालों को दबोचा गया। आरपीएफ ने उनके पास से 21 हजार रुपये मूल्य के 20 ई टिकट बरामद किए, जिनमें ज्यादातर ई टिकट बिहार और पश्चिम बंगाल के थे जो छठ पूजा और दिवाली पर घर जाने वालों ने ही रिजर्व कराए थे। इन दलालों के कब्जे से दो लैपटॉप, प्रिंटर और एक सीपीयू को भी कब्जे में लिया गया है।
उत्तर रेलवे हेड क्वार्टर के पास कई दिनों से सूचना थी कि बारादरी इलाके के अग्रसेन नगर में एके कम्यूनिकेशन में पर्सनल आईडी पर टिकट बनाए जा रहे हैं। आरपीएफ के आला अधिकारियों ने आरपीएफ जंक्शन के इंस्पेक्टर विवेक सिसौदिया को इन दलालों को पकड़ने के निर्देश दिए। रणनीति के तहत पहले दो दिन पहले एक दरोगा को यात्री बनाकर टिकट बुक कराने भेजा लेकिन काउंटर पर बैठे युवक ने उसे भांप लिया और ई-टिकट देने से इनकार कर दिया।
बृहस्पतिवार को आरपीएफ के सब इंस्पेक्टर कृष्ण मुरारी दो कांस्टेबल के साथ फिर इस शॉप पर पहुंचे। शॉप पर हिमांशु शर्मा और अनुज कुमार बैठे हुए थे। आरपीएफ की टीम ने उनकी तलाशी ली तो उनके पास 21 हजार रुपये मूल्य के बीस ई-टिकट बरामद हुए जिनमें से ज्यादातर टिकट बिहार और पश्चिम बंगाल के थे। आरपीएफ के मुताबिक ये टिकट लोगों ने त्योहारों पर भीड़भाड़ से बचने के लिए घर जाने को बुक कराए थे। पूछताछ में हिमांशु शर्मा ने बताया कि तीन साल पहले उसने टाइपिंग, फोटो स्टेट आदि की दुकान खोली थी। दो महीने पहले उसकी अनुज से जानपहचान हुई थी। अनुज ने ही उसे पर्सनल आईडी पर ई-टिकट बनाकर बेचने के बारे में बताया था।
तलाकशुदा पत्नी को खर्चा देने के लिए ई टिकट की ब्लैक
आरपीएफ के हाथों दबोचे गए अनुज ने ई टिकट की ब्लैक करने के पीछे जो कहानी सुनाई, उसे सुनकर आरपीएफ का स्टाफ भी हैरत में पड़ गया। अनुज ने बताया कि उसका कुछ समय पहले अपनी पत्नी से तलाक हो गया था। इसके बाद पत्नी ने अदालत के माध्यम से उससे गुजारा भत्ते की मांग की। उसके पास कमाई का कोई बड़ा जरिया नहीं था, लिहाजा उसने पत्नी का खर्च निकालने के लिए ही दो महीने पहले ई टिकट की ब्लैक का धंधा शुरू किया था लेकिन पकड़ा गया। आरपीएफ इंस्पेक्टर विवेक सिसौदिया ने बताया कि एक टिकट पर पांच सौ रुपये तक अतिरिक्त वसूल करते थे। अनुज एमकॉम और हिमांशु बीएससी पास है। शुक्रवार को दोनों को जेल भेज दिया गया।