रविवार को मदर्स-डे था, इस पावन दिन पर बेटे मां को प्रणाम कर रहे थे तो मां उनको आशीर्वाद दे रहीं थीं। उन्हीं में से एक लाल प्रदीप भी था जो मां की प्यास बुझाने के लिए पानी लेने बरेली जंक्शन पर शहीद एक्सप्रेस ट्रेन से उतरा पर मां की प्यास नहीं बुझा सका। मां पानी का इंतजार करती रही पर बेटे की ट्रेन से गिरकर मौत हो गई।
जिला छपरा (बिहार) के थाना बनियापुरा के गांव ससनी निवासी विष्णु का परिवार दिल्ली के बहादुरगढ़ में मजदूरी करता है। उसका 14 वर्षीय बेटा प्रदीप सातवीं का छात्र था। प्रदीप रविवार को शहीद एक्सप्रेस से मां कलावती के साथ दिल्ली जा रहा था। बरेली जंक्शन पर ट्रेन रुकने के बाद वह मां के लिए पानी लेने को उतरा। इसी दौरान ट्रेन चल दी तो प्रदीप दौड़कर ट्रेन में चढ़ गया, लेकिन गेट पर भीड़ होने के कारण उसे अंदर जाने को जगह नहीं मिली। वह दरवाजे पर लटक गया। मीरगंज इलाके के नगरिया सादात के आगे गुगई रेलवे क्रासिंग -381 के पास सुबह साढ़े सात बजे वह ट्रेन से गिर गया और उसकी मौत हो गई। मां कलावती ने शोर मचाते हुए चेन पुलिंग कर ट्रेन रुकवाई, पर ट्रेन काफी दूर जाकर रुकी। कलावती ने बताया कि चेन खींचते समय उसकी चेन भी टूट गई। ट्रेन से उतरकर जब तक आई, तब तक प्रदीप की मौत हो चुकी थी।