बरेली। नया एमवी एक्ट लागू होने के बाद बढ़ रहे पब्लिक के आक्रोश को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस को मनमाने ढंग से वाहनों को रोक कर कागजात चेकिंग के नाम पर चालकों को परेशान न करने का फरमान दिया गया है। वाहन चेकिंग के दौरान उत्पीड़न की शिकायतों का भी यातायात निदेशालय ने संज्ञान लिया है। यातायात महानिदेशालय के डीआईजी ट्रैफिक राजेश मोडक ने सभी पुलिस कप्तानों को आदेश जारी कर स्पष्ट रूप से कहा है कि चेकिंग के दौरान लोगों को किसी भी हालत में परेशान न किया जाए।
यातायात निदेशालय की ओर से जारी यह आदेश बृहस्पतिवार को यहां पहुंचा। इसमें कहा गया है कि बिना हेलमेट बाइक और बिना सीट बेल्ट के कार चलाकर यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों का चालान किया जाए लेकिन अनावश्यक रूप से कागज चेक करने के लिए वाहनों को न रोका जाए। यह भी कहा गया है कि वाहन चेकिंग के दौरान किसी भी दशा में अशोभनीय व्यवहार न किया जाए। डीआईजी ट्रैफिक के आदेश में दोपहिया के साथ चार पहिया वाहनों की भी चेकिंग के लिए कहा गया है। निर्देश दिए गए हैं कि खासकर एसयूबी पर नजर रखी जाए। बिना सीट बेल्ट के चलने वाली एसयूबी पर कार्रवाई की जाएग। कहा गया है कि नया अधिनियम लागू होने के बाद निदेशालय को लगातार शिकायतें मिल रही हैं। इनमें अनावश्यक वाहन चेकिंग के साथ पुलिस के व्यवहार की शिकायतें भी शामिल हैं।
इस संबंध में निदेशालय से आदेश जारी हुआ है। वाहन चेकिंग नियमानुसार ही जा रही है। अधीनस्थों को निर्देशित किया गया है कि चेकिंग के दौरान लोगों को परेशानी न हो। अनावश्यक रूप से कागज चेक करने को वाहन न रोके जाएं। हालांकि, संदिग्ध नजर आने वाले वाहनों की चेकिंग की जाती रहेगी।
- एससी गंगवार, एसपी ट्रैफिक