गुलड़िया। कस्बा अलीगंज में यातायात की व्यवस्था बेपटरी हो गई है। यहां रोजाना दो से तीन घंटे जाम लग रहा है। दिन में 16 घंटे रोक के बावजूद यहां से भारी वाहनों का आवागमन जारी है। लेकिन, उन पर कार्रवाई की बजाय पुलिस मूकदर्शक बनी रहती है। इस वजह से दिन में इस मार्ग पर दबाव गया है। इससे इलाकेभर के लगभग पांच लाख लोग प्रभावित हो रहे हैं।
व्यापारियों ने बताया कि कस्बा अलीगंज में पिछले कई सालों से जाम की समस्या बनी हुई है। पिछले एक वर्ष से इस समस्या ने स्थानीय दुकानदारों और प्रतिदिन आने जाने वाले लोगों को परेशान कर रखा है। उसके पीछे कारण यह है कि कस्बा अलीगंज से होकर सिरौली-बरेली मार्ग जुड़ता है। अलीगंज में यह मार्ग काफी संकरा है। इसके चलते वहां से एक बार में एक ही बड़ा वाहन गुजर पाता है। यदि सामने से दूसरा बड़ा वाहन आ जाए, तो वहीं जाम लग जाता है। यह समस्या कोई एक दिन की नहीं है। सुबह से लेकर शाम तक अलीगंज कस्बे में यही नजारा रहता है। जाम लगने का दूसरा कारण यह है कि इस मार्ग पर पिछले एक वर्ष में चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली की तरफ से आने-जाने वाली डबल डेकर बसों की काफी संख्या बढ़ गई है। वहीं, इस सड़क से प्रतिदिन सैकड़ो की संख्या में रेत-बजरी से भरे डंपर निकलते हैं। इसके अलावा छोटे-बडे अन्य चार पहिया वाहन हजारों की संख्या में निकलते हैं। इससे रोड पर दबाव बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि पुलिस के संरक्षण में बड़े वाहनों का आवागमन जारी है। इन पर नियंत्रण लगाना चाहिए।
पिछले साल हुई थी बैठक, तब बनी थी व्यवस्था
इस समस्या से निजात के लिए अलीगंज थाने में पिछले साल कस्बा के व्यापारियों के साथ पुलिस ने बैठक की थी। इस दौरान तय हुआ था, कि दिन में कोई बड़ा वाहन कस्बे से होकर नहीं गुजरेगा। उसी चौराहा से कस्बे के दोनों तरफ पुलिस की ड्यूटी रहेगी, जो दिन में बड़े वाहनों को नहीं घुसने देगी। रात 11 बजे से सुबह 7 बजे तक भारी वाहन कस्बे से गुजर सकते हैं। लेकिन यह व्यवस्था कुछ दिनों तक ठीक-ठाक चली और फिर धड़ाम हो गई। कहने को चौराहे पर पुलिस तो अभी भी बैठती है , लेकिन उसे जाम से कोई मतलब नहीं। लोग घंटों जाम में जूझते रहते हैं।
पुलिस के संरक्षण में चल रहा खेल
व्यापार मंडल के तहसील प्रभारी आनंद प्रकाश गुप्ता, व्यापारी सुधांशू पाराशरी, बंटू गुप्ता और अन्य व्यापारियों ने बताया कि अलीगंज कस्बे में जाम की समस्या को लेकर कई बार लेकर हमने स्थानीय प्रशासन से लेकर मुख्यमंत्री तक से शिकायत की। लेकिन कोई हल नहीं निकला। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से भी कई बार मुलाकात कर बाइपास बनाने का अनुरोध किया। उन्होंने भी हाथ खड़े कर दिए।
इन उपायों से मिलेगी निजात
व्यापारियों ने बताया कि अलीगंज कस्बे से जाम की मुक्ति के दो ही रास्ते हैं या तो बाइपास बने या फिर सड़क का चौड़ीकरण हो। इससे पहले कोई उपाय नहीं किए गए हैं। संवाद
अलीगंज में मेन मार्केट से होकर ही मुख्य रास्ता है, जो काफी संकरा है। यहां कोई वैकल्पिक मार्ग भी नहीं है। सारे वाहन इसी रास्ते से निकलते हैं। इसके चलते जाम लग जाता है। हमने बड़े वाहनों को रात में 11 बजे के बाद ही एंट्री देने को कहा है। इससे पहले, जो वाहन निकलते हैं, उनका हम चालान भी करते हैं। इसको देखते हुए हमने 24 घंटे चौराहे पर पुलिस की ड्यूटी भी लगा रखी है।
- जगत सिंह, थाना प्रभारी, अलीगंज