बरेली। मुख्यमंत्री के आते ही शहर की यातायात व्यवस्था बेपटरी हो गई। चौपुला से लेकर गांधी उद्यान, श्यामगंज व डेलापीर तक कई जगह रास्ते बंद किए जाने से लोग परेशान हुए। दूसरे रास्तों से निकलने का प्रयास किया। जगह-जगह जाम लगा, जिसमें दो घंटे तक लोग जूझते रहे। श्यामगंज चौराहे पर एक घंटे तक भीषण जाम रहा। शाम छह बजे के बाद हालात सामान्य हुए।
मुख्यमंत्री को पुलिस लाइन से बरेली कॉलेज मैदान तक जाना था। लिहाजा चौपुला व चौकी चौराहे पर यातायात रोक दिया गया। इसके बाद मुख्यमंत्री जब ऑडिटोरियम से आदिनाथ चौराहे की ओर जा रहे थे, तब आधा घंटा पहले ही चौपुला से चौकी चौराहा, गांधी उद्यान, श्यामगंज पुल, ईंट पजाया चौराहा व आदिनाथ चौराहे पर यातायात रोक दिया गया। सेटेलाइट से शहर में आने वाले वाहन गांधी उद्यान से आगे नहीं बढ़ सके। यहां शाम चार बजे भीषण जाम लग गया। स्कूली बसें भी फंस गईं।
किसी तरह लोग बियावानी कोठी, अक्षर विहार से सर्किट हाउस चौराहा होते हुए निकले। दूसरी तरफ लोग रामपुर बाग से होकर अंदर शहर तक आए। इससे रामपुर बाग की सड़कों पर भी जाम लग गया। इधर, चौपुला से कुतुबखाना जाने वाला मार्ग भी रस्सी लगाकर बंद कर दिया गया। अय्यूब खां चौराहे की तरफ से आने वाले वाहनों को रोकने के लिए चौपुला पर बैरिकेडिंग कर दी गई। अपराह्न तीन से शाम पांच बजे तक शहर जाम की चपेट में रहा।
श्यामगंज चौराहे पर लगे जाम को खुलवाने में यातायात पुलिसकर्मी भी नाकाम रहे। यहां एंबुलेंस भी जाम में फंसी रही। पांच बजे के बाद धीरे-धीरे हालात सामान्य हुए।
आदिनाथ चौराहे पर शाम चार बजे के बाद से रास्ता बंद कर दिया गया था। सवा पांच बजे जब मुख्यमंत्री वहां से निकल गए, तब रास्ता खोला गया। मुख्यमंत्री के जाते ही लोग डमरू के साथ सेल्फी लेने के लिए टूट पड़े। इससे वहां हालात और बिगड़ गए। तब सीएम के सिक्योरिटी दस्ते को आगे आना पड़ा। उन्होंने लोगों को हटाकर जाम खुलवाया। इससे पहले एक सांड़ भीड़ में घुस आया। इससे वहां कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा।