Traditionally celebrated brother dooj
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भाई-बहन के प्रेम की प्रतीक भैया दूज मंगलवार को परंपरागत ढंग से मनाई गई। दूरदराज से भाइयों के घर पहुंचीं बहनों ने भाई के माथे पर रोली-चावल का टीका लगाने के बाद मिठाई खिलाकर उनके दीर्घायु होने की कामना की। बहनों की दुआ के बदले भाइयों ने उनकी रक्षा का वचन दिया और उपहार भेंट किए।
ज्योतिषियों की सलाह पर बहनों ने शुभ मुहूर्त में ही भाइयों के टीका किया। सुबह 2.41 से 04.04 तक राहुकाल होने के कारण या तो उससे पहले अथवा उसके बाद दूज का टीका किया गया। अमृतकाल और अभिजीत काल में दोपहर में खासतौर पर दूज मनाई गई। दूर-दूर अपने घरों तक से बहनें अपने भाइयों के घर दूज करने पहुंची थीं, जिसके चलते पूरे दिन सड़कों पर काफी गहमागहमी रही। सवारी वाहनों में भीड़भाड़ रही और सड़कों पर जाम की स्थिति रही। रोडवेज बसें और ट्रेनें आम दिनों की अपेक्षा काफी भरी चलीं। सैटेलाइट और पुराने रोडवेज बस अड्डे के अलावा रेलवे जंक्शन पर काफी भीड़ रही। शहर में प्रमुख सड़कों पर अधिक भीड़भाड़ से पूरे दिन जाम लगा रहा। भैया दूज को लेकर बच्चों में खास उत्साह देखा गया और मिठाई की दुकानों पर खरीदारी के लिए भीड़ रही। घरों में पकवान बनाए गए।
जेल में भाई को देख छलक आईं आंखें
पुराना जोगीनवादा मोहल्ले में रहने वाली किरन का भाई बबलू जिला जेल में बंद है। मंगलवार को वह भइया दूज करने जेल पहुंचीं तो भाई को देख सुबक पड़ीं। किला थाना क्षेत्र के स्वालेनगर मोहल्ले की सीमा जेल गेट के सामने लाइन में खड़ी थीं। बात करने पर बोलीं-मेरा अकेला भाई है। उसे विरोधी लोगों ने झूठा फंसा दिया। बातें करते-करते सीमा की आंखों से आंसू टपकने लगे। बिहारीपुर की शकुंतला भइया दूज करके जेल से बाहर निकलीं तो उसकी आंखें नम थीं। पूछने पर बोलीं- जाने कब मेरा भइया जेल से छूट पाएगा। उसकी दुर्दशा मुझसे देखी नहीं गई। किरन, सीमा और शकुंतला ही नहीं भइया दूज पर मिलाई करने पहुंचीं ज्यादातर महिलाएं भाई को देख खुद की आंखों में आंसू रोक नहीं पाईं। वहीं कुछ महिलाएं अपने भाइयों को दोबारा अपराध न करने की कसम दिलाते नजर आईं।
जिला जेल में भइया दूज पर मिलाई सुबह करीब साढ़े नौ बजे शुरू हुई और शाम साढ़े पांच बजे तक चली। इस दौरान करीब डेढ़ हजार महिलाएं जेल में अपने भाइयों से मिलने पहुंचीं। उन्होंने अपने भाई के माथे पर तिलक लगाकर उनकी लंबी उम्र की कामना की और मिठाई खिलाई। सेंट्रल जेल में मिलाई सुबह दस बजे शुरू होकर शाम पांच बजे तक चली। इस बीच करीब आठ सौ महिलाएं अपने भाई से मिलाई करने पहुंची। उन्होंने भाई के माथे पर तिलक लगाया, मिठाई खिलाई और उनकी लंबी उम्र की कामना की। मंगलवार को जिला जेल और केंद्रीय कारागार गेट पर लगभग पूरे दिन महिलाओं की लाइन लगी रही। मिलाई के दौरान भीड़ को देखते हुए जिला जेल और केंद्रीय कारागार में सुरक्षा व्यवस्था चौकस रही।