बरेली। मिलावटी कचरी बेचने वाले दुकानदार को अदालत ने तीन माह कैद की सजा सुनाई है। मार्च 2019 में खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने हानिकारक रंग मिला होने की आशंका में श्यामगंज स्थित गौरव ब्रदर्स के यहां से रंगीन कचरी का नमूना लेकर जांच के लिए लखनऊ भेजा था। जांच में हानिकारक रंग मिले होने की पुष्टि नहीं हुई। इसके बाद नमूना जांच के लिए कोलकाता भेजा गया। वहां की रिपोर्ट में हानिकारक रंग मिला होने की पुष्टि हो गई।
इसके बाद परिवाद दर्ज कर गौरव अरोरा को समन जारी किए गए। इसमें गौरव की ओर से जमानत कराई गई। मामले का विचारण अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दीपक कुमार मिश्र की अदालत में चल रहा था। अदालत ने गौरव अरोरा को दोषी करार देते हुए तीन महीने की साधारण कैद की सजा सुनाई और उस पर 50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जब्त की गई 190 किलोग्राम मिलावटी कचरी नष्ट करने का आदेश दिया है। ब्यूरो
कॉल सेंटर के जरिये दवा बेचने के आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज
बरेली। बिना वैध लाइसेंस कॉल सेंटर के जरिये दवा बेचने के दो आरोपियों की जमानत याचिका अदालत ने खारिज कर दी। छह अक्तूबर को इज्जतनगर पुलिस ने राजीव एन्क्लेव में छापा मारकर इस रैकेट का भंडाफोड़ किया था। पुलिस ने मौके से यूसुफ को गिरफ्तार किया था, जबकि इलियास भाग गया था। इलियास ने अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या सात में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी। अदालत ने याचिका खारिज कर दी। यूसुफ ने भी इसी अदालत में जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। अदालत ने उसे भी खारिज कर दिया। ब्यूरो