पहाड़ी संगीत, यहां का नृत्य और संस्कृति इसे देखने के लिए आपको सूर्य उत्तरायण पर पहाड़ जाने की जरूरत नहीं है। पहाड़ मैदान पर उतरेगा, बरेली में उत्तराखंड की लोक संस्कृति का रंग जमेगा। 13 जनवरी से बरेली क्लब मैदान में उत्तरायणी मेले की तीन दिन तक धूम रहेगी। नोटबंदी का मेले पर कोई असर नहीं है। पिछले साल की तरह इस साल भी 145 स्टॉल लगेंगे। मशहूर गायक और छोलिया नृत्य दल लोगाें का मनोरंजन करेगा। इस बार संघ लोक सेवा आयोग के सदस्य प्रो. प्रदीप जोशी का सम्मान होगा।
बुधवार को मेला स्थल पर उत्तरायणी जनकल्याण समिति के पदाधिकारियों ने प्रेसवार्ता में इसकी जानकारी दी। अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह बिष्ट व महामंत्री देवेंद्र जोशी ने बताया कि 23वें मेले का शुभारंभ 13 जनवरी को कोतवाली से रंगयात्रा के साथ होगा। झंडी मेयर डॉ. आईएस तोमर करेंगे। मेले का उद्घाटन कैंट विधायक राजेश अग्रवाल करेंगे। मेले में प्रवेश निशुल्क है। मेडिकल स्वास्थ्य सेवाओं का कैंप भी लगेगा। पहाड़ का अनाज, मिठाईयां, पुस्तकें, चाय, ऊनी वस्त्र, फल और सब्जियां भी लोग खरीद सकेंगे। बरेली में 16 सांस्कृतिक टीमें तैयार की गई हैं। उत्तराखंड से जितेंद्र तुमक्याल, पप्पू कार्की, आनंद सिंह कोरंगा, बसंती बिष्ट, दीपा नागरकोटी, प्रियंका आर्या, पूरन सिंह दानू, जगदीश आर्या अपनी आवाज का जादू बिखेरेंगे। सूचना एवं प्रसारण विभाग व संस्कृति विभाग के सौजन्य से पिथौरागढ़, लोहाघाट, खटीमा, टिहरी, अल्मोड़ा, हल्द्वानी, खुरपाताल से सांस्कृतिक टीमें आएंगी। मेले में आर्मी का बैगपाइपर बैंड पर्वतीय धुन से मनोरंजन करेगा। उन्हाेंने बताया कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत, वित्त मंत्री इंदिरा हृदयेश, अजय भट्ट, पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी के आने की संभावना बन रही है। कैश की दिक्कत न हो इसके लिए बैंक के मोबाइल वैन भी लगाने की कोशिश रहेगी। प्रेसवार्ता में शंभूदत्त बेलवाल, गिरीश पांडेय, प्रमोद बिष्ट, सुरेंद्र बिष्ट, माधवानंद तिवारी, नवीन चंद्र, अमित पंत व अन्य कई शामिल रहे।