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राहत की खबर: बिना टोल टैक्स के लाल फाटक ओवरब्रिज पर भरिए फर्राटा, वसूली पर प्रतिबंध बरकरार

Sun, 28 May 2023 08:22 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाल ब्यूरो, बरेली

सार

करीब दो साल पहले टोल वसूली समाप्त करने का सर्कुलर रक्षा मंत्रालय से जारी हुआ था। लेकिन आय का अहम जरिया बताते हुए टोल वसूली के लिए मुख्यालय से मार्गदर्शन मांगा था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला है। 
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लाल फाटक पुल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली के लाल फाटक ओवरब्रिज पर आवाजाही शुरू होने के बाद टोल वसूली को लेकर चल रहा असमंजस अब थम गया है। करीब दो साल पहले टोल वसूली समाप्त करने का सर्कुलर रक्षा मंत्रालय से जारी हुआ था। लेकिन आय का अहम जरिया बताते हुए टोल वसूली के लिए मुख्यालय से मार्गदर्शन मांगा था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला है। दिशा-निर्देश मिलने तक यहां टोल वसूली पर प्रतिबंध बरकरार रहेगा।

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करीब पांच साल पहले लाल फाटक ओवरब्रिज निर्माण की प्रक्रिया शुरू हुई थी। पूर्व में प्रस्तावित निर्माण कार्य सेना की एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) को लेकर प्रभावित था। इसके बाद कैंट बोर्ड की भूमि अधिग्रहण को लेकर पेच फंसा। रक्षा मंत्रालय के निर्देशानुसार जमीन के बदले जमीन पर सहमति जताई थी।

हालांकि, जमीन न मिलने पर जमीन के बदले वर्तमान सर्किल दर से धनराशि को लेकर सहमति बनी। आखिर में सहमति के आधार पर निर्माण कार्य शुरू हुआ। निर्माण शुरू होने से टोल वसूली प्रभावित होने लगी। फिर कोरोना महामारी और लॉकडाउन से टोल बंद हो गया। मामला बोर्ड में उठा तो कैंट बोर्ड से नया टेंडर हुआ। तभी टोल वसूली बंद करने का पत्र जारी हुआ।

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सुगम जीवन और व्यवसाय में बाधा है टोल

सात जनवरी 2022 को रक्षा मंत्रालय की निदेशक रहीं शर्मिष्ठा मैत्रा ने सर्कुलर जारी कर कैंट बोर्ड की ओर से वाहन प्रवेश शुल्क वसूलने पर रोक लगा दी। कहना था कि वाहन प्रवेश शुल्क की वसूली माल और सुगम यातायात की दिशा में सरकार की पहल के अनुरूप नहीं है। यह जीवन की सुगमता और व्यवसाय करने में आसानी की दिशा के प्रयास में बाधा है।

ताकि प्रभावित न हो आय, मांगा था मार्गदर्शन

संबंधित सर्कुलर पर कैंट बोर्ड की ओर से मुख्यालय को पत्र भेजकर टोल वसूली शुरू करने को लेकर मार्गदर्शन मांगा था। तर्क था कि टोल बंद होने से प्रतिमाह करीब 20 लाख रुपये की आय प्रभावित हो रही है। इससे विकास कार्य प्रभावित होंगे। कैंट बोर्ड के कार्यालय अधीक्षक डॉ. पारसनाथ ने बताया कि मुख्यालय से अब तक जवाब नहीं मिला है। जवाब मिलने तक टोल वसूली बंद रहेगी।
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2.37 करोड़ का हुआ ठेका, फिलहाल स्थगित

पत्र जारी होने से पूर्व कैंट बोर्ड ने करीब 2.37 करोड़ का ठेका मंजूर किया था। पत्र मिलने पर ठेका स्थगित कर दिया। कैंट बोर्ड के बैरियर पर सिर्फ वाणिज्यिक वाहनों से वसूली होती थी। इसमें प्रति बस से 150 रुपये, ट्रैक्टर-ट्रॉली आदि वाहनों से 70 रुपये, चार पहिया वाहनों से 40 रुपये वसूले जाते थे। अब ओवरब्रिज शुरू होने से वाहन की आवाजाही बढ़ गई है, आय बढ़ने की भी उम्मीद थी।
 
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