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UP News: माहौल ऐसा है कि पर्दे में रहें बहन-बेटियां तो अच्छा; दरगाह आला हजरत के सज्जादानशीन ने दिया पैगाम

Sun, 28 May 2023 08:05 AM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाल ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली में शनिवार को ताजुश्शरिया उर्स के कुल की रस्म अदायगी मथुरापुरा स्थित मदरसा जमीयतुर रजा और सौदागरान में आला हजरत दरगाह स्थित मदरसा मंजूर इस्लाम में हुई। इस मौके पर मुफ्ती अहसन मियां ने समाज को पैगाम जारी किया। 
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दरगाह आला हजरत पर पहुंचे जायरीन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सुन्नी बरेलवी मसलक के बड़े रहनुमा ताजुश्शरिया के कुल की रस्म से पहले दरगाह आला हजरत के सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां ने पैगाम जारी करते हुए कहा कि पर्दा इस्लाम का अहम हिस्सा है। हम अपनी बहन-बेटियों को पर्दे में रहने की सीख दें। माहौल ऐसा है कि बहन-बेटियां पर्दे में रहें तो अच्छा है।

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सज्जादानशीन ने कहा कि बहन-बेटियों की अच्छी शिक्षा खुद की निगरानी में कराएं। आज के माहौल को देखते हुए जब बच्चों की उम्र शादी के लायक हो जाए तो अच्छा घराना देखकर उनकी शादी कर दें, ताकि वह कोई गलत कदम न उठा सकें। उन्होंने समाज से दहेज जैसी सामाजिक बुराई का बहिष्कार करने की बात कही। संदेश दिया कि दहेज की जगह बेटियों को विरासत में हिस्सा दें। बच्चों को गलत कदम उठाने से रोकें।

शाम को सजी महफिल 

शनिवार को कुल की रस्म अदायगी मथुरापुरा स्थित मदरसा जमीयतुर रजा और सौदागरान में आला हजरत दरगाह स्थित मदरसा मंजूर इस्लाम में हुई। मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि शाम चार बजे महफिल का आगाज कारी रिजवान रजा ने तिलावत-ए-कुरान से किया। इसके बाद देश भर के उलेमा की तकरीर का सिलसिला शुरू हुआ। सभी ने अपने अंदाज में ताजुश्शरिया को खिराज पेश किया। 

मुफ्ती सलीम नूरी ने कहा कि अपने दौर में हक की सबसे मजबूत आवाज का नाम ताजुश्शरिया है। मुफ्ती अय्यूब नूरी ने कहा कि दुनिया में ताजुश्शरिया को जो शोहरत हासिल हुई वो उनके इल्म की बुनियाद पर। कारी अब्दुर्रहमान कादरी ने शायराना अंदाज में खिराज पेश किया। मुफ्ती आकिल रजवी ने ताजुश्शरिया की मजहबी व इल्मी खिदमात पर रोशनी डाली।
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शरीयत में जायज शिक्षा ही बच्चियों को दें : असजद मियां

कुल की रस्म से पहले ताजुश्शरिया दरगाह के सज्जादानशीन मुफ्ती असजद मियां ने इस मौके पर पैगाम भी जारी किया। कहा कि जो बच्चियां हिंदी, अंग्रेजी स्कूल या कॉलेज में पढ़ रही है। ऐसे में माता-पिता को चाहिए उन पर खासतौर पर नजर रखे। उ

नकी शिक्षा में वही तरीका अपनाएं जो शरीयत की नजर में जायज हो। बच्चे सादा कागज की तरह होते हैं उनके दिमाग में वही बाते बिठाई जाए तो उनके लिए फायदेमंद हो। जहां तक हो अपने बच्चों को सोशल मीडिया से दूर रखे। बच्चों को इस्लाम और अल्लाह के बारे में बताए। 
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