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Bareilly News: 11,629 परिवारों के बनेंगे शौचालय, पुरानों की होगी मरम्मत

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बरेली। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत 27.96 करोड़ रुपये लागत से जिले के 11,629 परिवारों के नए शौचालय बनाए जाएंगे।
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ग्राम पंचायतों की खुली बैठक में लाभार्थियों का चयन किया जाएगा। प्रत्येक शौचालय की निर्माण लागत 12 हजार रुपये ही है। यह धनराशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में पहुंचेगी। इसी क्रम में पूर्व के बने शौचालय जो जीर्ण-शीर्ण हो चुके हैं, उनकी मरम्मत कराई जाएगी।
स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के जिला कंसल्टेंट अनिल कुमार ने बताया कि पांच मई को ही मिशन निदेशक अमित कुमार सिंह ने जिले में नए शौचालय बनाने के लिए धनराशि आवंटित की है, लेकिन वह अभी जिला स्वच्छता समिति के बैंक खाते में नहीं आई है। धनराशि खाते में आते ही शौचालयों का निर्माण शुरू कराया जाएगा।
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नए परिवारों के चयन में प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को वरीयता दी जाएगी। साथ ही, सीमांत-लघु किसान, एससी-एसटी परिवार और विधवाओं को भी लाभान्वित किया जाएगा। डीएम की ओर से निर्देश जारी होने के बाद ग्राम प्रधान और सचिव खुली बैठक में लाभार्थियों का चयन करेंगे।
वर्ष 2014 से नहीं बढ़ी लागत डीपीआरओ कमल किशोर ने बताया कि धनराशि मिलते ही नए शौचालय बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत वर्ष 2014 से शौचालय निर्माण की लागत 12 हजार रुपये निर्धारित हैं। जबकि, वर्तमान में निर्माण सामग्री और मजदूरी की दरों में काफी इजाफा हो चुका है। यह धनराशि छह-छह हजार की दो समान किस्तों में लाभार्थियों के खाते में भेजी जाती है।
2.90 लाख जर्जर शौचालयों का जीर्णोद्धार शुरू
ग्रामीण क्षेत्र में प्रयोग से बाहर जीर्ण-शीर्ण शौचालयों की मरम्मत सरकारी धनराशि से होगी। ऐसे 2.90 लाख शौचालयों को पंचायती राज विभाग ने चिह्नित करा लिया है। इसमें स्वच्छ भारत मिशन के तहत पूर्व में बनवाए गए और निजी संसाधनों से बनवाए गए शौचालय भी शामिल हैं। इनमें दरवाजा, सीट या गड्ढे आदि का अभाव है। ग्राम प्रधान व सचिव 15वें वित्त आयोग की धनराशि से इन शौचालयों की मरम्मत करा रहे हैं।
प्रत्येक शौचालय की मरम्मत पर अधिकतम पांच हजार रुपये खर्च किए जा सकेंगे। डीपीआरओ कार्यालय के मुताबिक, जिले में कुल 1188 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें चार लाख परिवारों के पास शौचालय की सुविधा है। इसमें स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के 2.65 लाख लाभार्थी परिवार भी शामिल हैं।
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डीपीआरओ कमल किशोर ने बताया कि पुराने शौचालयों की मरम्मत का कार्य शुरू हुए करीब 20 दिन हो गए हैं। अब तक 53,841 शौचालयों की मरम्मत भी हो गई है। इसकी रोज समीक्षा की जा रही है। मरम्मत के लिए चिह्नित सर्वाधिक 26,340 शौचालय बहेड़ी ब्लॉक के हैं, जबकि सबसे कम 8,981 शौचालय फतेहगंज पश्चिमी ब्लॉक के हैं। संवाद
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