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आज सूर्य के दक्षिणायन में प्रवेश के साथ होगा शीत ऋतु का आरंभ

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rahu ketu - फोटो : rahu ketu
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राहु और केतु के राशि परिवर्तन से कई राज्यों में आतंकी घटनाओं और उपद्रव की संभावना

बरेली। बुधवार को राहु और केतु का गोचर होने वाला है। इसी दिन राहु वक्री होकर मिथुन से वृषभ राशि में जाएगा और केतु धनु से वृश्चिक राशि में। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यह ग्रह परिवर्तन देश के पश्चिमी राज्यों में उपद्रव और हिंसक घटनाओं का संकेत है। कुछ राज्यों में प्राकृतिक आपदा भी आ सकती है। राजनीतिक दलों के बीच टकराव बढ़ सकता है। बुधवार को ही सूर्य का दक्षिणायन में प्रवेश के साथ शीत ऋतु का प्रारंभ हो जाएगा।
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राहु ग्रह सुबह 5:28 बजे वृष राशि में प्रवेश करेगा जबकि केतु का सुबह 7: 38 बजे वृश्चिक राशि में प्रवेश होगा। इन राशियों में ये दोनों ग्रह 12 अप्रैल 2022 तक रहेंगे। ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ शंखधार के अनुसार प्रथम चंद्र अश्विन में पांच बृहस्पतिवार होने से देश के पश्चिमी भागों जैसे कश्मीर, पंजाब, राजस्थान, महाराष्ट्र, और गुजरात में कई उपद्रव, आतंकी घटना, विस्फोट और दूसरी हिंसक घटनाएं घटित हो सकती हैं। कुछ प्रदेशों में वर्षा की कमी के साथ प्राकृतिक प्रकोप से जन और धन-संपदा को हानि संभावित है।
अश्विन अधिक मास में पांच शुक्रवार और पांच शनिवार होने से धन-संपदा का प्रसार और अपव्यय भी बढ़ेगा। राजनीतिक दलों के बीच टकराव और गतिरोध की स्थिति रह सकती है। किसी प्रदेश में सत्ता परिवर्तन उपद्रव और हिंसक घटनाएं भी होंगी। अतिवृष्टि और प्राकृतिक आपदाओं का परिणाम वस्तुओं में कमी और महंगाई के रूप में भी सामने आ सकता है। पंडित शंखधार के अनुसार राहु के अशुभ प्रभावों से बचने के लिए सभी को सुंदरकांड, किष्किंधा कांड, भैरव, गणेश जी और भगवती काली की साधना शास्त्रोक्त है।
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