इस बार उर्सस्थल के पास न अकीदतमंदों का रेला न चादरों के लंबे जुलूस, सड़कों पर भी सन्नाटा
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इस्लामिया ग्राउंड पर सौ लोग ही शामिल होंगे उर्स में, इसी लिहाज से इंतजाम
बरेली। आला हजरत के लाखों दीवानों की मौजूदगी में हर साल बेहद जोशखरोश के माहौल में शुरू होने वाले उर्स-ए-रजवी का आगाज इस बार सोमवार को सादगी के साथ होगा। कोरोना संक्रमण के खतरे के मद्देनजर जिला प्रशासन की ओर से उर्स में अधिकतम सौ लोगों के शामिल होने की अनुमति दी गई है। आयोजकों ने इस्लामिया ग्राउंड पर इसी लिहाज से इंतजाम किए हैं।
आमतौर पर उर्स-ए-रजवी से कई दिनों पहले से ही शहर का माहौल बदलना शुरू हो जाता था। सौदागरान में आला हजरत दरगाह के आसपास की तमाम गलियाें में दुकानें सजनी शुरू हो जाती थीं और मुख्य उर्स स्थल इस्लामिया ग्राउंड पर भी तैयारियां शुरू जाती थीं। देश-विदेश से आने वाले लाखों जायरीन के ठहरने के लिए शहर भर में बड़े पैमाने पर इंतजाम किए जाते थे लेकिन इस बार उर्स की तैयारियां बेहद खामोश माहौल में चल रही हैं। उर्स स्थल के आसपास तमाम सड़कों पर आम दिनों की तरह सामान्य भीड़ है। उर्स के आगाज से पहले हमेशा की तरह न चादरों के लंबे जुलूस नजर आ रहे हैं न अकीदतमंदों का रेला।
दरगाह आला हजरत के प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खां सुब्हानी मियां और सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा खां कादरी के मुताबिक इस्लामिया ग्राउंड पर उर्स के सारे इंतजाम पूरे हो गए हैं। खानकाह ताजुश्शरिया और जमीयतुर्रजा मथुरापुर में काजी ए हिंदुस्तान मुफ्ती असजद रजा खां कादरी की निगरानी में उर्स के इंतजाम हुए हैं। यहां उर्स तीन रोज चलेगा। इस्लामिया ग्राउंड और जमीयतुर्रजा मथुरापुर दोनों ही जगह उर्स की तकरीब वेबसाइट पर प्रसारित की जाएंगी।