प्रदेश सरकार ने गन्ना उत्पादकता वाले 28 जिलों से एक-एक गांव को आदर्श गांव घोषित कर गन्ने की उत्पादकता बढ़ाने का निर्णय लिया है। इन गांवों में आयोजित गोष्ठियों में कृषि वैज्ञानिकों की ओर से किसानों को टिप्स दिए जाएंगे। इस बारे में गन्ना आयुक्त की ओर से निर्देश जारी किए गए हैं। गन्ना का अधिक उत्पादन कैसे हो, इस बारे में किसानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। गन्ना अनुसंधान संस्थान शाहजहांपुर की तकनीकी टीम इन गांवों में भेजी जाएगी। गन्ना आयुक्त विपिन कुमार द्विवेदी का कहना है कि आदर्श गांवों में अधिक उत्पादन करने वाले किसानों को पुरस्कार और सम्मानित किया जाएगा।
ये हैं प्रदेश के 28 आदर्श गांव
सहारनपुर का भायला, मुजफ्फनगर का याहियापुर, शामली का भैसाना, मेरठ का ग्राम गढ़ी, गाजियाबाद का अमीरपुर बड़ायला, बुलंदशहर के कैथाला, बागपत के जोनमाना, हापुड़ के अकडौली, बिजनौर का तिसोतरा, रामपुर का रायपुर, मुरादाबाद का महेंद्री, अमरोहा का सरकड़ी अजीज, सम्भल का गंवा, बरेली का तुलसमपुर, बदायूं का लखनपुर, शाहजहांपुर का गनपतपुर, पीलीभीत का जगत, कासगंज का गंगास्पार, अलीगढ़ का बलीपुर-बलरामपुर, लखीमपुर का लौकहा, बाराबंकी का गंगापुर संसारा, बहराइच का अहिरौरा, गोंडा का अहिरौली, कशीनगर का खुदारा अहिरौली, देवरिया का बसडिला बड़ा, मऊ का नरूल्लाहपुर, आजमगढ़ का बनरहिया और बलिया का खरीद गांव।