भाई दूज पर कई मार्गों पर बसों की कमी से बेहाल हुई बहनें, सीट के लिए मारामारी
बरेली। भाई-बहन के स्नेह के पर्व भाई दूज पर बसों की कमी ने कड़वड़ाहट घोल दी। बृहस्पतिवार को शहर के दोनों बस अड्डों पर बहनें गंतव्य के लिए बस की तलाश में भटकती दिखीं। शाम तक मारामारी का आलम रहा। बसों की कमी की वजह से कई बहनें समय पर भाइयों के घर नहीं पहुंच पाईं। बेबस बहनें व्यवस्थाओं को कोसती नजर आईं।
बृहस्पतिवार को सबसे अधिक सवारियां स्थानीय मार्गों पर थीं। रोडवेज ने इन मार्गों पर पर्याप्त बसों की उपलब्धता का दावा किया था मगर, धरातल पर यह नजर नहीं आया। दोपहर के समय सेटेलाइट बस अड्डे पर बड़ी संख्या में बहनें अपने परिजनों के साथ बसों के इंतजार में खड़ी दिखीं। जैसे ही कोई बस आकर रुक रही थी, भीड़ उस ओर दौड़ जाती।
पहले चढ़ने के लिए मारामारी का आलम दिखा। कई लोगों ने जोखिम उठाकर आपातकालीन खिड़की से बच्चों को अंदर पहुंचाया। ट्रेनों में भी यही हाल दिखा। पहले बोगी में चढ़ने के प्रयास में लोग गिरते-गिरते बचे।
रुद्रपुर के लिए चलाईं 12 अतिरिक्त बसें
रुद्रपुर, हल्द्वानी के लिए सवारियां ज्यादा थीं। भीड़ के चलते दिल्ली मार्ग की 12 बसों को इस रूट पर डायवर्ट किया गया। आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटों में बरेली डिपो से 20,628 और रुहेलखंड डिपो की बसों से 21,457 यात्रियों ने यात्रा की है।
गेट पर लटके दिखे यात्री
ट्रेनों में भी लालकुआं-पीलीभीत रूट पर सबसे अधिक यात्रियों की भीड़ रही है। इज्जतनगर स्टेशन पर भी मारामारी का आलम दिखा। कई ट्रेनों में लोग गेट पर लटककर यात्रा करते नजर आए। उझानी, बदायूं, चंदाैसी, मुरादाबाद, रामपुर की सवारियों ने भी ट्रेन से सफर किया। संवाद