बरेली। सील राजेंद्र नगर इलाके में लॉकडाउन के दिन आवाजाही रोकने को पुलिस की हल्की सी टोकाटाकी से लोग विचलित दिखे। सुबह से शाम तक कई चेकिंग प्वाइंट पर लोग रास्ता खोलने या पूछताछ पर नाराज होकर पुलिस से उलझे। हालांकि पुलिस के साथ ही सिविल डिफेंस व समाजसेवी लोगों ने उन्हें आईना दिखाने की कोशिश की कि यह कवायद उन्हीं की जान बचाने के लिए की जा रही है। अधिकांश लोग समझदारी दिखाकर निकल गए।
राजेंद्र नगर व उससे सटे कीति नगर आदि इलाकों में कई कोरोना केस होने की वजह से छोटे हॉटस्पॉट बने थे। शासन से निर्देश मिलने पर शुक्रवार को यहां बड़ा हॉटस्पॉट बना दिया गया। शनिवार को भी शाम तक यहां बांस बल्ली लगाकर रास्ता सील करने की कवायद चलती रही। इस बीच राजेंद्र नगर में जाने को केवल सलेक्शन प्वाइंट रोड व निकासी को आईवीआरआई से जुड़ने वाला रोड खोला गया। इनके अलावा शील चौराहे से लेकर डीडीपुरम चौराहे तक कई जगह स्थाई तो कई जगह अस्थाई डिवाइडर लगा दिए गए।
ऐसे में व्यवस्था से अंजान लोग वाहन लेकर निकले तो इधर से उधर चक्कर लगाते रहे। शनिवार को लॉकडाउन भी लागू था तो पुलिस ने वाहन चालकों के कागजात और मॉस्क भी लगे हाथ चेक कर लिए। रास्तों के चक्रव्यूह में फंसे लोग इस स्थिति के लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं थे। शायद तभी कई प्वाइंट पर तैनात पुलिसबल से इनकी नोकझोंक हुई। कुछ ने रास्ता खोलने की जिद की तो कुछ दबंग तो बल्ली हटाकर वाहन निकाल भी ले गए। हालांकि अधिकांश लोग पुलिस प्रशासन की मजबूरी समझ भी गए। कुछ ने कहा कि वह दोबारा इधर नहीं आएंगे, अभी छोड़ दिया जाए। तब उन्हें वैकल्पिक रास्ता बता दिया गया। मॉर्डन रोड पर इस तरह की समस्या सबसे ज्यादा आई। पुलिस ने यहां दोनों मेन रास्तों को बंद कर साइड लेन को खुला छोड़ दिया था। लोगों ने जिद की तो उन्हें इधर से भेज दिया गया।
14 केस आने के बाद एलआईसी भवन सील
- डीडीपुरम चौराहे पर बने एलआईसी भवन को सील कर दिया गया है। यहां नौ लोगों को तो इसके सह ऑफिस में पांच लोगों को कोरोना हुआ है। इस भवन को शुक्रवार से बंद करके सैनिटाइज किया जा रहा है। सोमवार को यहां सामाजिक दूरी का नियम अपनाकर काम शुरू कराने की बात कही जा रही है। फिलहाल भवन के बाहर पुलिस तैनात की गई है।
एसएसपी की बात
- कोरोना के ज्यादा मामले मिलने पर कुछ इलाकों को सील किया गया है। स्थानीय लोगों को जरूरत की सब चीजें वहां प्रशासन मुहैया कराने की व्यवस्था कर रहा है। पुलिस की यही अपेक्षा है कि लोग बिना वजह घर से न निकलें और नियमों का पालन कर पुलिस का सहयोग करें। सख्ती की जरूरत न पड़े तो बेहतर है, पुलिस को मजबूरी में कार्रवाई करनी पड़ती है। - शैलेश पांडेय, एसएसपी