जंगल से निकले बाघ ने खेत में चारा लेने गए किसान पर हमला कर उसे मार डाला। गुरुवार सुबह उसका शव खेत से कुछ दूरी पर मिला। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंच कर बाघ की लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की किशनपुर सेंक्चुअरी और बफरजोन के भीरा रेंज जंगल से सटे बोझवा गांव निवासी मटरू लाल (50) पुत्र चेतराम बुधवार शाम पिपरिया भूड़ स्थित खेत में चारा लेने गया था। रात भर घर न लौटने से परेशान परिवार वाले गुरुवार सुबह खेतों की ओर गए और सूचना वन विभाग को दी।
वनकर्मियों ने जब तलाश शुरू की तो पिपरिया भूड़ गांव के पास मटरू लाल का शव गन्ने के खेत में पड़ा मिला। बाघ के पगचिह्न मिलने से इस बात की पुष्टि हो गई कि मटरू लाल को बाघ ने मारा है।
सूचना मिलते ही एसडीओ बफरजोन दिलीप श्रीवास्तव, रेंजर भीरा राकेश बाबू वर्मा वन कर्मियों की टीम के साथ मौके पर पहुंच और जांच शुरू कर दी। वनकर्मियों को बाघ की लोकेशन ट्रेस करने के लिए कहा गया। थाना भीरा पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के भीरा रेंज जंगल से सटे पिपरिया भूड़ गांव के पास बाघ ने चारा लेने गए किसान मटरू लाल को मौत के घाट उतारा है। वनाधिकारियों की टीम को बाघ की निगरानी में लगाया गया है। ग्रामीणों को सलाह दी है कि सतर्कता बरतें।
बाघ हमले में मारे गए किसान के आश्रितों को नियमानुसार मुआवजा मिले, इस संबध में मेरी डीएम से वार्ता हुई है। साथ ही तात्कालिक सहायता के रूप में डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की ओर से 10 हजार रुपये परिवार को दिए जा रहे हैं।
-डॉ. अनिल कुमार पटेल, डीडी, डीटीआर, बफरजोन