बरेली। साइबर ठग ने पीड़ित महिला को कॉल करके खुद को दरोगा बताया और आरोपियों पर कार्रवाई करने की बात कहकर चार हजार रुपये मांग लिए। महिला ने बारादरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
बारादरी निवासी शिवानी उर्फ सीमा ने झगड़ा होने पर 11 जुलाई को दूसरे पक्ष के खिलाफ बारादरी थाने में तहरीर दी थी। शिवानी के मुताबिक तहरीर देने के बाद उनके पास नए-नए नंबरों से कॉल आने लगीं। कॉल करने वाले ने खुद को दरोगा बताकर विपक्ष के लोगों की गिरफ्तारी करने की बात कही। इसके लिए उनसे चार हजार रुपये मांगे। मना करने पर उसने कहा कि लो एसएसपी साहब से बात कर लो। तब ठग ने अपने दूसरे साथी से भी बात करा दी। वह रुपये देने के लिए तैयार नहीं हुईं तो आरोपियों ने अभद्रता करते हुए जेल भेजने और एनकाउंटर करने की धमकी दी। तब उन्होंने कॉल काट दी और नए नंबर की कॉल रिसीव करना बंद कर दिया।
थानों से लीक हो रही पीड़ितों की जानकारी
पहले भी कई बार साइबर ठग मुकदमे के वादी को फोन करके कार्रवाई करने के नाम पर ठगने की कोशिश कर चुके हैं। तब माना जा रहा था कि ठग यूपी कॉप एप से वादी का नंबर और मुकदमे की जानकारी हासिल कर लेते होंगे। इस मामले में शिवानी ने सिर्फ तहरीर ही दी थी। तहरीर से उनका नंबर ठगों तक कैसे पहुंचा, यह गंभीर सवाल है। आशंका है कि थानों के रिकाॅर्ड में भी साइबर ठगों ने सेंध लगा दी है। ब्यूरो
शिकायती पत्र से नंबर लेकर कॉल करने का यह पहला मामला लग रहा है। बारादरी पुलिस ने रिपोर्ट लिख ली है। विवेचना में आरोपियों का पता लगाया जाएगा। - अनीता चौहान, सीओ तृतीय
ये बरतें सावधानी
पुलिस इस तरह कॉल करके रुपये नहीं मांगती, ऐसी किसी कॉल पर बहकावे में न आएं।
किसी को आधारकार्ड या पैनकार्ड न भेजें।
किसी नए लिंक पर क्लिक न करें।
किसी ऑफर या इनाम के झांसे में न आएं।
किसी को ओटीपी न बताएं, बैंक संबंधी डिटेल न दें।
वीडियो कॉल पर न्यूड वीडियो बनाकर ठगी के मामले बढ़े हैं, इनसे सावधान रहें।
रात में सोते वक्त मोबाइल पर इंटरनेट बंद रखें।
सोशल मीडिया अकाउंट पर प्राइवेसी लगाकर रखें।
ठगी होते ही टोल फ्री नंबर 1930 पर कॉल करें।
cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।