रात आठ बजे निकाला जा सका शव
सूचना पाकर इज्जतनगर पुलिस मौके पर पहुंची और बरेली से गोताखोरों की टीम बुलाई गई। कुछ घंटों की मशक्कत के बाद रात आठ बजे गोताखोरों ने रवि का शव नदी से बाहर निकाला। पुलिस ने शव का पंचायतनामा भरा। एएसपी शिवम आशुतोष सिंह ने बताया कि लापरवाही की वजह से यह हादसा हुआ है। परिजनों ने पोस्टमॉर्टम नहीं कराने का अनुरोध किया है।
कच्ची गृहस्थी छोड़ गया रवि
रवि के पिता का एक वर्ष पहले निधन हो चुका है। दो भाइयों और दो बहनों में रवि सबसे बड़ा था और वही अपनी मेहनत से पूरे परिवार का पेट पालता था। रवि की मौत की खबर सुनते ही मां नगीना देवी बेसुध हो गईं। रवि के परिवार में पत्नी लता मिश्रा और दो मासूम बच्चे हैं। इकलौते कमाऊ बेटे की मौत से परिवार की कच्ची गृहस्थी पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
शॉर्टकट के चक्कर में गई रवि की जान
रिठौरा निवासी रवि मिश्रा की मौत शार्टकट और जिद के चक्कर में हुई। साथ में मौजूद उसके रिश्ते के भाइयों को समय रहते ग्रामीणों ने मौत के मुंह से निकाल लिया। पुलिस के मुताबिक, ये दोनों नशे की हालत में थे।
रिठौरा निवासी रवि मिश्रा की मौत के बाद उसके रिश्ते के भाई और सेटेलाइट स्टैंड निवासी पंकज शर्मा (27) और सुरेश शर्मा नगर निवासी मंतोष मिश्रा (27) गहरे सदमे में दिखे। उन्होंने बताया कि दोनों ने रवि से मना किया था कि वह दूसरे रास्ते से पहाड़गंज चले, लेकिन उसने मना कर दिया। कहा- सामने ही पहाड़गंज है, बस जरा सा पानी पार करना है। इसी उधेड़बुन में वह बाइक लेकर आगे बढ़ा और लोग उसके पीछे थे। पोल पूरी तरह पानी में डूबे थे और उन्हें अहसास ही नहीं हुआ। वे नदी में गिरकर डूबने लगे। गांव वाले न बचाते तो वे लोग भी डूब सकते थे।
एएसपी शिवम आशुतोष सिंह ने बताया कि पहाड़गंज व आसपास के गांवों को जाने के कई रास्ते हैं। जिसे पुल बताया जा रहा है, वह कुछ है ही नहीं। आम दिनों में नदी सूखी रहती है तो इन पोल के सहारे स्थानीय लोग पैदल निकल जाते हैं। अब तो लगभग सभी पोल पानी में डूबे हैं। इन गांवों के लोग पैदल भी इधर नहीं जा रहे हैं। पता नहीं क्यों इन युवकों को नदी पार जाने की धुन सवार हुई, जिसमें एक युवक की जान चली गई।