आंगनबाड़ी केंद्र में पढ़ती थी बच्ची
ग्रामीणों ने बताया कि अर्जुन मजदूरी करके परिवार पालते हैं। उनकी दो बेटियों में तनिष्का दूसरे नंबर की थी। वह गांव के ही आंगनबाड़ी केंद्र पर पढ़ने जाती थी। जैसे ही बच्ची की मौत की खबर मां ममता को मिली, वह बेहोश हो गईं। तनिष्का की बड़ी बहन भी रो रही थी। आसपास के कई घरों में खाना नहीं बना।
बंदरों की बढ़ती तादाद से ग्रामीणों में गुस्सा
मुड़िया अहमदनगर के ग्रामीणों में इस घटना को लेकर गहरा रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में बंदरों की तादाद तेजी से बढ़ रही है। आए दिन वह बच्चों और बुजुर्गों पर हमला करते हैं। ग्राम प्रधान धर्मेंद्र पटेल ने कहा कि यह घटना अत्यंत दुखद है। बंदरों की वजह से गांव में बच्चों का बाहर निकलना और छत पर जाना मुश्किल हो गया है।
शिकायतों के बाद भी संबंधित विभाग बंदरों को पकड़ने पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। प्रधान ने कहा कि प्रशासन से शीघ्र बंदरों को पकड़वाने के लिए अभियान चलाने की मांग करेंगे ताकि ऐसी घटना दोबारा न हो।