आवेदन करने के बाद भी नहीं बना शौचालय
हादसे के बाद ग्रामीणों में चर्चा रही कि अगर घर में शौचालय होता तो शायद बच्ची की जान न जाती। देवकी की मां प्रीति ने बताया कि शौचालय बनवाने के लिए उन्होंने आवेदन किया है। अब तक कोई मदद नहीं मिली। घर पर शौचालय न होने की वजह से बाहर जाना मजबूरी है।
इस बारे में जब ग्राम प्रधान चेतना से बात की गई तो उनका कहना था कि परिवार दिल्ली में रहकर मजदूरी करता था। इस वजह से परिवार को शौचालय बनवाने के लिए आर्थिक मदद नहीं मिल पाई। कुछ समय पूर्व आवेदन मिलने पर प्रस्ताव भेज दिया गया है। जल्द ही शौचालय बनवाया जाएगा।