ऐसे करते थे धोखाधड़ी
एसपी दक्षिणी ने बताया कि जितेंद्र कुमार मिश्रा एक बैंक में नौकरी करता है। उसने विशाल गिरी को 15000 रुपये प्रति माह की नौकरी पर रखा था। आरोपियों ने विशाल के नाम से फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड बनवाए। इसके बाद 'कुमार एनर्जी' नाम से एक फर्जी फर्म खोली गई। इस फर्म के नाम पर अलग-अलग बैंकों में खाते खोले गए। वे इन खातों से धोखाधड़ी की रकम इधर-उधर कर उन्हें बंद कर देते थे। 'कुमार एनर्जी' फर्म अब बंद हो चुकी थी और आरोपी दूसरी फर्जी फर्म खोलने की तैयारी में थे।