राजकीय निर्माण निगम ने मांगा बजट, बगैर भुगतान के नहीं होगा हस्तांतरण
बरेली। कोरोना काल के बीच जैसे तैसे तीन सौ बेड के अस्पताल का लोकार्पण तो हो गया मगर अब स्वास्थ्य विभाग को सौंपने में अड़चन आ गई है। स्वास्थ्य विभाग ने इस बिल्डिंग को सौंपने के लिए पत्र भेजा तो राजकीय निर्माण निगम ने पहले छह करोड़ का बकाया भुगतान करने को कह दिया। फिलहाल तो यहां कोविड मरीजों का इलाज चल रहा है, मगर सवाल है कि इसके बाद समय से बिल्डिंग का हस्तांतरण नहीं हुआ तो इस बिल्डिंग का होगा क्या।
तीन सौ बेड अस्पताल का चार साल पहले शुरू हुआ निर्माण कार्य अब पूरा हो चुका है। कोविड एल-1 और एल-2 के मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया कराने के लिए आनन-फानन इस अस्पताल संयुक्त कोविड अस्पताल बना दिया गया। अगस्त में लोकार्पण के वक्त मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अस्पताल के हस्तांतरण का कार्य भी जल्द पूरा करने का निर्देेश दिया था। संक्रमण के चलते हस्तांतरण प्रक्रिया का काम सुस्त रहा। हालांकि, अस्पताल में आधुनिक मशीनें लगा दी गईं और इलाज शुरू हो गया। वहीं, अब जब स्वास्थ्य विभाग की ओर से हस्तांतरण के बाबत कवायद शुरू हुई तो पेच बकाया भुगतान को लेकर फंस गया है। अफसरों के मुताबिक करीब छह करोड़ से ज्यादा का बजट बकाया है। उसके भुगतान के बाद ही हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। हस्तांतरण का मामला अटकने की सूचना स्वास्थ्य विभाग ने डीएम समेत उच्चाधिकारियों को दे दी है।
75 करोड़ से बना है अस्पताल
तीन सौ बेड कोविड अस्पताल निर्माण को सपा सरकार ने मंजूरी दी थी। उस दौरान 43 करोड़ का बजट मंजूर हुआ था। सिस्टम की सुस्त गति से चल रहे निर्माण के चलते बजट रिवाइज होता रहा और वह 75 करोड़ तक जा पहुंचा। राजकीय निर्माण निगम ने अस्पताल का निर्माण कार्य कराया है और उसे करीब 70 करोड़ से ज्यादा का भुगतान किया जा चुका है। करीब छह करोड़ का बजट अब भी भुगतान के लिए बकाया है।
कोविड के बाद अस्पताल का क्या होगा
बजट भुगतान का पेच फंसने पर अफसर कुछ भी साफ नहीं कह रहे हैं। बीते दिनों जिला अस्पताल को तीन सौ बेड अस्पताल में शिफ्ट करने का शोर मचा था। उम्मीद थी कि तीन फेज में विभाजित अस्पताल में एक फेज में जिला अस्पताल की ओपीडी बनाई जाएगी। राजकीय निर्माण निगम के अफसर के मुताबिक अस्पताल में अभी लिफ्ट लगाने समेत कई निर्माण बाकी हैं। बजट मिलने पर ही वे पूरे कराए जाएंगे।
तीन सौ बेड अस्पताल हस्तांतरण के निर्देश माननीय मुख्यमंत्री ने दिए हैं। इसका प्रयास चल रहा है। मगर, बजट बकाया होने की वजह से हस्तांतरण में देरी हो रही है। बजट स्वास्थ्य विभाग की ओर से भुगतान के लिए कहा गया है। - नितीश कुमार, डीएम