जेठ दशहरा पर उमड़े आस्था के सैलाब में कछला, उसहैत और हजरतपुर क्षेत्र के घाटों पर 21 श्रद्धालु पानी में बह गए। इनमें से कछला में एटा के एक किशोर, उसहैत में एक बालक और हजरतपुर क्षेत्र में एक युवक की मौत हो गई, जबकि अन्य 18 श्रद्धालुओं को गोताखोरों ने बचा लिया।
एटा के कस्बा अवागढ़ निवासी लाखन सिंह परिवार के गंगा स्नान के लिए आए थे। कछला गंगाघाट पर पुल के नजदीक उनका बेटा राजेंद्र (17) नहाते समय गहरे पानी में डूब गया। गोताखोरों ने आधा घंटे बाद उसे बाहर निकाल लिया लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
इसके अलावा गोताखोरों ने अलग-अलग स्थानों पर डूबे श्रद्धालुओं में अलीगढ़ के जट्टारी निवासी ओमवती (29) पत्नी पप्पू, छर्रा निवासी अमर सिंह (36), कासगंज में सहावर निवासी मीना देवी (22) पत्नी रामलाल, आगरा में कोतवाली के पास निवासी गीता (33) पत्नी मुन्नालाल, एटा में मिरहची के रामजीत (40), रामगोपाल (24), जलेसर के प्रमोद (35), फिरोजाबाद में टूंडला के अजीत (32), हाथरस निवासी गोपाल (14) पुत्र नत्थू लाल, मैनपुरी निवासी रामऔतार (42), बदायूं के लालपुल इलाक के धर्मेंद्र (39), गिरीश (10) पुत्र श्याम लाल, राजस्थान में सीकर के प्रेमनारायण (35), अलवर निवासी कृष्ण लाल (29), कामां निवासी रवि (19), बरेली शहर के सुभाषनगर निवासी रामसनेही (40), कासगंज के नेम सिंह (17) पुत्र हेतसिंह और सोरों निवासी जसवीर (19) को सकुशल बाहर निकाल लिया गया।
उसहैत थाना क्षेत्र के गांव नौगवां नसीर नगर निवासी जौहरी सिंह का आठ वर्षीय पुत्र अभिषेक अपने परिजनों के साथ गंगाघाट पर स्नान करने आया था। अभिषेक परिजनों से अलग नहाने चला गया। देखते ही देखते वह गंगा में डूबने लगा। उसे निकालकर स्वास्थ्य केंद्र लाया गया लेकिन वहां उसकी मौत हो गई।
दातागंज के हजरतपुर थाना क्षेत्र के गांव चंगासी निवासी सोनू (25) पुत्र विजय बहादुर अपने गांव के नजदीक चितरी घाट पर गहराई वाले स्थान पर जल स्तर की लहरों में फंसकर डूब गया। उसे गोताखोरों ने बाहर निकाला लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में सोनू की मौत हो गई।