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का फर्जीवाड़ा, इनकम टैक्स जमा करने वाले कसानों ने हड़पी रकम

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बरेली। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में तीन करोड़ का फर्जीवाड़ा हुआ है। भारत सरकार की ओर से जिले के कृषि विभाग को भेजे गए रिकॉर्ड के मुताबिक इनकम टैक्स भरने वाले तीन हजार किसानों ने भी इस योजना का लाभ उठाया है। कृषि विभाग ने इसके बाद आनन-फानन अपात्र किसानों को नोटिस जारी कर उनसे वसूली के आदेश दे दिए हैं।
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गोलमाल करने वाले तीन सौ ऐसे दंपती भी चिन्हित किए गए हैं जिन्होंने एक ही जमीन पर अलग-अलग किसान सम्मान निधि हासिल की है। इन पर भी कार्रवाई की तैयारी चल रही है।
इस तरह हुआ खुलासा
बरेली के 5.02 लाख किसानों ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लिए ऑनलाइन आवेदन किया। आवेदन के साथ लगाई गई खतौनी के आधार पर किसानों को उनके खातों में सीधे रकम भेजी गई। मार्च 2019 से लेकर अब तक किसी किसान को पांच तो किसी को छह किस्तें मिल चुकी हैं। एक किस्त में दो हजार रुपये मिलते हैं। जब भारत सरकार के स्तर पर आवेदनों के सत्यापन दौरान इनकम टैक्स देने वाले किसानों का जिलेवार रिकॉर्ड खंगाला गया तो परत-दर-परत खुलती गईं। बरेली जिले में तीन हजार से ज्यादा ऐसे किसान मिले जो योजना के पात्र ही नहीं थे। सरकार ने अपात्र किसानों का रिकॉर्ड कृषि विभाग को भेजा तो हड़कंप मच गया।
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ये है योजना
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत लघु एवं सीमांत किसानों लाभ दिया जाता है। इस योजना के तहत किसानों को तीन बराबर किस्तों में सालाना छह हजार रुपये मिलने हैं। इसके लिए जिन किसानों के नाम खतौनी में दर्ज थे, उनको आवेदन करने थे। जैसे ही योजना शुरू हुई तो लाभ उठाने के लिए तमाम किसानों ने आवेदन कर दिए। आवेदन के बाद कृषि विभाग 10 फीसदी आवेदनों की जांच करवाता है।
योजना के लिए ऐसे किसान अपात्र
वे किसान जो सांविधानिक पद पर तैनात हैं, जिला पंचायत सदस्य, पार्षद, विधायक, पूर्व या वर्तमान सांसद, राज्य व केंद्र सरकार के कर्मचारी,
पेंशनभोगी, आयकर देने वाले किसान।
जनपद में तीन हजार अपात्र किसानों ने पीएम सम्मान निधि योजना का लाभ उठाया है। उनसे वसूली के लिए नोटिस जारी किए जा रहे हैं। इसमें अधिकांश किसान इनकम टैक्स जमा कर रहे हैं। - धीरेंद्र चौधरी, जिला कृषि अधिकारी
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