झोपड़ी में छिप गई थीं चारों
आग से बचने के लिए चारो बच्चियां झोपड़ी में छिप गईं। जलते पुआल ने झोपड़ी को भी चपेट में ले लिया। चारों मासूम लपटों से घिर गईं। उनकी चीख सुनकर और लपटें देखकर परिजन और पड़ोसी दौड़े। उन्होंने किसी तरह आग बुझाई, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।
प्रियांशी पुत्री भीम (5), मानवी पुत्री अमिताभ (3), नैना पुत्री अर्जुन (5) की जिंदा जलकर मौत हो गई। नीतू पुत्री अमिताभ (6) को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान शाम को उसने भी दम तोड़ दिया। डीएम और एसएसपी भी मौके पर पहुंचे। परिजनों को सांत्वना देते हुए हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया।
डीएम-एसएसपी मौके पर पहुंचे
जानकारी मिलते ही डीएम रविंद्र कुमार और एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान भी फोर्स के साथ गांव पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने परिजनों से जानकारी की। डीएम ने कहा कि झोपड़ी में आग लगने से दर्दनाक घटना घटित हुई है। घटना की जांच के निर्देश दिए हैं।