कई शहरों से आए लोग
खानकाह से थोड़ी दूर पर खानकाही कब्रिस्तान में दोपहर दो बजे शब्बू मियां के जनाजे को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। मगफिरत की दुआ करते हुए लोग अलविदा कहकर वापस हुए। सभी मजहब के लोगों ने जनाजे में शिरकत कर शब्बू मियां को खिराज-ए-अकीदत पेश की। अजमेर शरीफ, दिल्ली, मुंबई, मुरादाबाद, अलीगढ़, आगरा सहित तमाम खानकाहों और दरगाहों से भी लोग पहुंचे थे।
शब्बू मियां का परिचय
जन्म : 15 जून 1958।
वर्ष 1980 में खानकाह के मुंतजिम बने।
पूर्व सज्जादा हजरत शाह हसनी मियां के छोटे भाई और खलीफा थे।
मौजूदा सज्जादा शाह मेहंदी मियां के चाचा थे।