राज्य निर्वाचन आयुक्त एसके अग्रवाल ने कहा कि आयोग ने इस बार 25 लाख वोटरों के मोबाइल नंबर जुटा लिए हैं। इन मोबाइल नंबरों पर आयोग के सिस्टम से जनरेट मेसेज पहुंचाने की व्यवस्था कर ली गई है। उन्होंने कहा कि मेसेज के जरिए वोटरों को चुनाव परिणाम भी मिलेंगे। यह पता लग जाएगा कि आपके इलाके में कौन जीता और कौन हारा। आयुक्त ने बताया कि नगर निगम में मेयर और वार्ड पार्षदों का चुनाव ईवीएम से होगा। मेयर के प्रत्याशियों के ईवीएम पर फोटो रहेंगे। पार्षदों प्रत्याशियों के फोटो नहीं होंगे।
मंगलवार को आयुक्त सभागार में मुरादाबाद और बरेली मंडल के अधिकारियों के साथ बैठक करने के बाद राज्य निर्वाचन आयुक्त ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद 2 या 3 दिसंबर तक चुुनाव प्रक्रिया पूरी कर लेने की योजना है। चुनाव की वेबकास्टिंग भी होगी जिसके जरिये किसी भी तरह की गड़बड़ी की सूचना पर लखनऊ में बैठे अधिकारी मतदेय स्थलों को देख सकेंगे। उन्होंने कहा कि स्थानीय निकाय चुनाव कराने के लिए आयोग को बाहर से फोर्स मांगने की जरूरत नहीं पड़ेगी। प्रदेश सरकार अपनी ही फोर्स से स्थानीय निकाय चुनाव करा लेगी।
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि 18 अक्टूबर तक वोटर लिस्ट का अंतिम प्रकाशन करा लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 16 नगर निगम हैं। अयोध्या, मथुरा और फैजाबाद नए नगर निगम बने हैं। 199 नगर पालिकाएं हैं जबकि 439 नगर पंचायतें। निगमों को छोड़कर बाकी सभी में बैलेट पेपर से चुनाव होना है। सभी निकायों में कुल मिलाकर 3.22 करोड़ मतदाता हैं। हाल ही में हुए पुनरीक्षण में 13 लाख मतदाता बढ़े हैं जबकि 14 लाख के नाम मतदाता सूची से काटे गए हैं।
सर्विलांस की नजर में रहेंगे खुराफाती
राज्य निर्वाचन आयुक्त का कहना है कि शासन ने स्थानीय निकाय चुनाव की तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। कानून व्यवस्था में पहले से सुधार हुआ है, लेकिन कुछ इलाकों में अभी भी सुधार की जरूरत है। इसके लिए पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों से कहा है कि गुंडा एक्ट और 110 जी के तहत खुराफातियों के खिलाफ कार्रवाई करें। शातिर अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोले जाने की जरूरत है। शराब और असलाह बनाने की फैक्ट्रियां चुनाव के समय में ज्यादा फलने फूलने लगती हैं। इसलिए इन पर भी नजर रखने की हिदायत दी है। प्रदेश से सभी निकायों में एक ही दिन चुनाव होगा। जिन लोगों से चुनाव में खुराफात करने का डर है, ऐसे लोगों को सर्विलांस पर रखा जाएगा।
48 घंटे पहले सील होंगे बार्डर
राज्य निवाचन आयुक्त ने अफसरों से कहा कि स्थानीय निकाय चुनाव में 48 घंटे पहले ही बार्डर सील कर दिए जाएं। निष्पक्ष चुुनाव कराने के लिए हर जिले में कंट्रोल रूम बनाए जाएं। सांप्रदायिक हिंसा या पक्षपात जैसी घटनाएं किसी भी हाल में नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गैर जमानती वारंटों वाले सभी लोग गिरफ्तार किए जाएं। मतदेय स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने हैं। वेब कास्टिंग के लिए वह चुनाव वाले जिलों को 24 घंटे बिजली दिलाने की कोशिश करेंगे। चुनाव में गड़बड़ी होने पर जिस अधिकारी की शिकायत मिलेगी, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।