बरेली। श्रीराधा संकीर्तन मंडल ट्रस्ट की ओर से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शुक्रवार को कथाव्यास मृदुल कृष्ण शास्त्री ने कहा कि श्रीकृष्ण की मथुरा लीला जीव के हृदय के अंधकार को नष्ट कर ज्ञान का विकास करती है। इस ज्ञान से जीव श्रीकृष्ण से साक्षात्कार करता है।
आचार्य ने आह्वान किया कि 22 जनवरी को होने जा रहे श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दिन सभी लोग घर को सजाएं और शाम को दीप जलाएं। उन्होंने कुंज बिहारी जी... बांके बिहारी जी... ये तो प्रेम की बात है उधो, बंदगी तेरे बस की नहीं है... जैसे सुप्रसिद्ध भजन गाए तो श्रद्धालु खुद को झूमने से नहीं रोक सके। आचार्य ने कहा कि श्रीकृष्ण ने अपनी मथुरा लीला में अज्ञान रूपी कंस का उद्धार किया। स्वयं श्रीकृष्ण ने मथुरा लीला में ही गुरु के सानिध्य में 64 दिनों तक ज्ञान प्राप्त किया। इसलिए मथुरा लीला श्रवण मात्र से भक्त के हृदय में ज्ञान का उदय होता है। यदि विद्यार्थी अध्ययन काल में मथुरा लीला सुनता है तो निश्चित रूप से उसे सफलता मिलती है। रुक्मिणी विवाह महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान आरएसएस के विभाग प्रचारक धर्मेंद्र, महानगर प्रचारक मयंक साधु, कैंट विधायक संजीव अग्रवाल, अध्यक्ष हरीश अग्रवाल, कथा संयोजक प्रेमशंकर अग्रवाल मौजूद रहे। मीडिया प्रभारी रिशुल अग्रवाल ने कहा कि शनिवार को कथा दोपहर 12 से शाम चार बजे तक होगी। विशेष महोत्सव के रूप में फूलों की होली खेली जाएगी।