मुख्य बाजारों से लेकर पाश कालोनियों में नगर निगम की जमीन पर निजी प्रतिष्ठान अनाधिकृत तरीके से वाहनों की पार्किंग कराकर हर माह करोड़ों के वारे न्यारे कर रहे हैं। नगर निगम को इस पार्किंग से एक पैसे का भी राजस्व नहीं मिल रहा। बोर्ड की मीटिंग में ये मामला उठने के बाद अवैध पार्किंग को अभियान चलाकर ध्वस्त करने के वादे किए गए लेकिन दो हफ्ते बाद नगर निगम इसकी कार्ययोजना तैयार नहीं कर पाया। अब आम शहरी तो यही कह रहे हैं कि सारे स्टैंड की वसूली का हिस्सा अफसरों तक जाता है ये कैसे हटा देंगे।
अमर उजाला ने सिविल लाइन, राजेंद्र नगर, सुभाषनगर, रामपुर गार्डन, कचहरी, राजेंद्र नगर समेत शहर के अन्य कई इलाकों में नगर निगम की जमीन पर अनाधिकृत तरीके से चल रही वाहन पार्किंग के मामले उठाये थे। इसके बाद 30 मार्च को नगर निगम बोर्ड की बैठक में पार्षद गौरव सक्सेना ने ये मामला उठाया तो ऐसे पार्किंग चलाने वाले ठेकेदारों पर मुकदमा पंजीकृत कराकर अनाधिकृत पार्किंग ध्वस्त करने की बात सदन में ही कही गई। दो हफ्ते बाद भी अवैध पार्किंग हटाने की कार्ययोजना तैयार नहीं हो पाई। ज्यादातर पार्षद नर्सिंग होम, शोरूम, शॉपिंग कांपलेक्स की पार्किंग से पंजीयन शुल्क वसूलने और सड़क पर अनाधिकृत पार्किंग ध्वस्त न होने पर नगर निगम की ढीली कार्यप्रणाली को दोष दे रहे हैं।
क्या कहते हैं पार्षद
‘कांपलेक्स या शोरूम के बेसमेंट में बनी पार्किंग से रजिस्ट्रेशन शुल्क वसूला जाए और नगर निगम की जमीन पर चल रही अनाधिकृत पार्किंग अभियान चलाकर ध्वस्त किया जाए। हम बोर्ड में ये मामला उठा चुके हैं। नगर निगम की ढीली कार्यशैली की वजह से पार्किंग नहीं हट पा रही है।’ छंगामल मौर्य, पार्षद भाजपा
‘नगर निगम की जमीन पर चल रही पार्किंग पूरी तरह अवैध है। मैं बोर्ड में फिर से ये मामला उठाऊंगा। अफसरों को इस पर कार्ययोजना बनाकर काम करना चाहिए ताकि अतिक्रमण की समस्या कम होकर जनता को राहत मिले।’ विकास शर्मा, पार्षद भाजपा
‘नगर निगम की सड़क के किनारे चल रही पार्किंग पूरी तरह अवैध है। पिछली बोर्ड की बैठक में ऐसी पार्किंग पर कार्रवाई की बात तय हुई थी। इस पर काम आगे नहीं बढ़ा। नगर निगम अपना राजस्व बढ़ाने के लिए ऐसी पार्किंग से शुल्क वसूले या फिर ध्वस्त करे। ’ राजेश अग्रवाल, पार्षद सपा
‘काम ज्यादा होने की वजह से अभी तक अवैध पार्किँग करने वालों पर कार्रवाई नहीं हो पाई। अधिकारियों की टीम बनाकर कार्रवाई कराई जाएगी। जरूरत पड़ने पर प्रशासन और पुलिस से भी सहयोग लिया जाएगा।’ शीलधर सिंह यादव, नगर आयुक्त