भमोरा। पंडरी निवासी तारा सिंह ने दो लोगों पर रास्ते में घेरकर मारपीट करने पर तीन हजार रुपये छीनने का आरोप लगाया है। कहा कि उनकी सुनवाई किए बिना ही दरोगा ने थाने से भगा दिया। एसएसपी के आदेश पर मामले की रिपोर्ट दर्ज की गई।
तारा सिंह ने शिकायतीपत्र में बताया कि पिता सामोल ने रविवार दोपहर गांव निवासी उमेश को देने के लिए तीन हजार रुपए दिए थे। ये रुपये जेब में रखे थे। देवचरा बाजार से लौटते समय रेलवे लाइन के पास गांव निवासी पवन व सत्यभान मिल गए। वे अपने उधार दिए पांच सौ रुपये मांगने लगे। जल्द रुपये देने की बात कहने पर भी नहीं माने।
आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए जातिसूचक शब्द कहे। पीटकर घायल कर दिया। देर शाम घायल अवस्था में पिता के साथ जब थाने पहुंचा तो वहां मौजूद एक दरोगा ने अभद्रता करते हुए थाने से भगा दिया। सीएचसी भमोरा जाने पर वहां मौजूद व्यक्ति ने पुलिस केस बताते हुए चिट्ठी मजमून लाने के लिए कहा। देर रात हो जाने की वजह से पीड़ित घायल अवस्था में ही अपने घर लौट गया।
सोमवार सुबह तारा सिंह ने एसएसपी से शिकायत की। एसएसपी के आदेश पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की। मामले में एसओ भमोरा सनी चौधरी ने बताया कि पीड़ित को मेडिकल के लिए भेजा गया था, सीएचसी भमोरा पर डॉक्टर न होने के कारण वहां मौजूद कर्मचारियों ने उसे आंवला जाने के लिए कहा। इस पर उसने मना कर दिया और घर लौट गया। थाने से भगाने का आरोप गलत है।